छतरपुर। सावन के पवित्र महीने में आस्था और भक्ति के बीच बागेश्वर धाम (गढ़ा) से बुंदेलखंड के प्रसिद्ध केदारेश्वर जटाशंकर धाम के लिए भव्य कांवड़ यात्रा रवाना हुई। पिछले वर्ष की परंपरा को जारी रखते हुए एकादशी के पावन अवसर पर दर्जनों ग्रामीणों ने कांवड़ उठाकर भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक करने का संकल्प लिया।


'हर-हर महादेव' के जयकारों से गूंजा परिसर

कांवड़ यात्रा का शुभारंभ बागेश्वर धाम स्थित प्राचीन माता मंदिर से पूजा-अर्चना के साथ हुआ। हाथों में भगवा ध्वज, कंधों पर कांवड़ और मुख पर 'हर-हर महादेव' तथा 'जय श्री राम' के जयकारों के साथ श्रद्धालु पूरी तरह शिव भक्ति में लीन नजर आए। डीजे पर बजते शिव भजनों और धार्मिक धुनों से पूरा क्षेत्र शिवमय हो गया।


दो दिवसीय यात्रा का रूट और रात्रि विश्राम

यह कांवड़ यात्रा दो दिनों में बागेश्वर धाम से जटाशंकर धाम की दूरी तय करेगी: यात्रा के पहले दिन कांवड़िए अमरोनिया गांव स्थित प्राचीन हनुमान मंदिर पहुंचेंगे, जहां रात्रि विश्राम की व्यवस्था की गई है। सावन के दूसरे सोमवार की सुबह यात्रा पुनः प्रारंभ होगी और शाम तक श्रद्धालु जटाशंकर धाम पहुंचेंगे।


जटाशंकर धाम पहुंचने के बाद सभी कांवड़िए पवित्र जल से भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक करेंगे और अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए महादेव के दरबार में अर्जी व विशेष प्रार्थना करेंगे।