बेंगलुरु। कर्नाटक के स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री यू.टी. खादर के निर्देश पर खाद्य सुरक्षा और औषधि प्रशासन विभाग के खाद्य सुरक्षा प्रभाग ने राज्य भर में 45 आइसक्रीम बनाने वाली फैक्ट्रियों में एक विशेष निरीक्षण किया।फूड सेफ्टी एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन के आयुक्त की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, निरीक्षण अभियान के दौरान विभिन्न आइसक्रीम बनाने वाली इकाइयों से कुल 70 खाद्य नमूने एकत्र किए गए, जिनमें आइसक्रीम, दूध, दूध का पाउडर, फ्लेवरिंग पदार्थ, चीनी, विभिन्न खाद्य एडिटिव्स और अन्य कच्चा माल शामिल थे। इन नमूनों को उनकी गुणवत्ता और निर्धारित खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुपालन की जांच के लिए संबंधित सरकारी खाद्य प्रयोगशालाओं में भेजा गया है।

इसके अलावा, कई फैक्ट्रियों में नियमों का उल्लंघन करते पाया गया। बेंगलुरु के सावारा आइसक्रीम कैफे से एक्सपायर हो चुके खाद्य उत्पाद जब्त किए गए, जिनमें मैरीगोल्ड ब्रिटानिया बिस्कुट, नंदिनी समृद्धि दूध, एल्केलाइज्ड चाय, कॉफी, मिक्स और सूखा नारियल पाउडर शामिल थे। 'खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम, 2006' और इसके तहत बनाए गए नियमों के प्रावधानों के अनुसार आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू की जाएगी।

बेंगलुरु के ही एम.एन. एंटरप्राइजेज से एक्सपायर हो चुके खाद्य उत्पाद जब्त किए गए, जिनमें प्लेन कैरमेल, नेस्ले मिल्कमेड और मिल्की मिस्ट खोया शामिल थे। इसके अलावा, लेबलिंग आवश्यकताओं से संबंधित कमियां भी पाई गईं।

जेमिनी आइसक्रीम मैन्युफैक्चरिंग यूनिट (रायचूर) में साफ-सफाई की कमी पाई गई। इसलिए, संबंधित यूनिट को नोटिस जारी किया गया है। जॉन कैंडी आइसक्रीम मैन्युफैक्चरिंग यूनिट (मैसूरु) के निरीक्षण के दौरान लेबलिंग से जुड़ी कमियां पाई गईं। इसके चलते, 20,000 रुपए मूल्य के आइसक्रीम उत्पादों को जब्त कर लिया गया।

फूड सेफ्टी एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन के आयुक्त ने कहा कि खामियां पाई जाने वाली फैक्ट्रियों पर 'फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स एक्ट, 2006' और इसके तहत बने नियमों के अनुसार आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। जनस्वास्थ्य के हित में राज्य भर में आइसक्रीम मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स में इस तरह के विशेष निरीक्षण अभियान जारी रहेंगे।