छतरपुर। छतरपुर जिले में किसानों को सुचारू खाद वितरण और विभागीय योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर प्रशासन सख्त रुख अपनाए हुए है। नौगांव विकासखंड में उर्वरक वितरण व्यवस्था में उदासीनता, विभागीय लक्ष्यों में बेहद खराब प्रगति और वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशों की अवहेलना करने पर कलेक्टर मृणाल मीना ने बड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की है। कलेक्टर ने वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी (एसएडीओ) विकासखंड नौगांव, सूरजभान पटेल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
तीन दिन में मांगा गया था स्पष्टीकरण, तय समय में नहीं दिया जवाब
प्रशासनिक जानकारी के अनुसार, उप संचालक किसान कल्याण तथा कृषि विकास जिला छतरपुर द्वारा सूरजभान पटेल को पूर्व में 21 सितंबर 2026 को पत्र जारी किया गया था। इस पत्र के माध्यम से मध्य प्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1966 के नियम 16 के तहत तीन दिवस के भीतर स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए थे। हालांकि, निर्धारित समयावधि बीत जाने के बावजूद संबंधित अधिकारी द्वारा न तो कोई जवाब प्रस्तुत किया गया और न ही कार्यप्रणाली में कोई सुधार लाया गया।
8 अक्टूबर की समीक्षा बैठक में खुली पोल, नौगांव ब्लॉक की प्रगति पाई गई अत्यंत कम
कलेक्ट्रेट सभागार में 8 अक्टूबर 2026 को जिले की विभागीय योजनाओं और खाद-उर्वरक वितरण व्यवस्था की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई थी। इस बैठक में जब नौगांव विकासखंड के आंकड़ों की समीक्षा की गई, तो वहां की प्रगति अत्यंत निराशाजनक पाई गई। किसानों को खाद उपलब्ध कराने में गंभीर विफलता और शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन में घोर लापरवाही उजागर होने पर कलेक्टर ने मामले को अत्यंत गंभीरता से लेते हुए तत्काल निलंबन की कार्रवाई सुनिश्चित की।
सिविल सेवा नियमों के तहत कार्रवाई, बिजावर रहेगा निलंबन मुख्यालय
कलेक्टर छतरपुर द्वारा जारी आधिकारिक आदेश के अनुसार, सूरजभान पटेल को मध्य प्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1966 के नियम 9 के अंतर्गत तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। आदेश में उल्लेख किया गया है कि निलंबन काल के दौरान उनका मुख्यालय कार्यालय अनुविभागीय अधिकारी (एसडीओ), किसान कल्याण तथा कृषि विकास, अनुभाग बिजावर नियत किया गया है। निलंबन अवधि के दौरान उन्हें नियमानुसार केवल जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता होगी।














