छतरपुर, संतोष ​शिवहरे। छतरपुर विद्युत विभाग के कार्यपालन यंत्री अमर श्रीवास्तव को लेकर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। हाल ही में 800 खंभों से जुड़ा मामला सुर्खियों में आया था और अब विभागीय कर्मचारियों ने ही अपने वैध हक व भत्तों को लेकर खुला मोर्चा खोल दिया है।


ग्राम धामची निवासी पीड़ित कर्मचारी कृष्ण प्रताप यादव ने गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि वर्ष 2024 से उनके और 56 अन्य कर्मचारियों का देय वेतनमान और महंगाई भत्ता अटकाया गया है। आवेदक कृष्ण प्रताप यादव के अनुसार, शासन द्वारा स्वीकृत लाभों के भुगतान को लेकर उन्होंने कार्यपालन अभियंता एवं समिति के पदेन प्रबंध संचालक अमर श्रीवास्तव को 11 मई और 24 मई को औपचारिक पावती सहित कई लिखित आवेदन दिए।


पीड़ित का आरोप है कि नियमानुसार भुगतान करने के बजाय अधिकारी द्वारा यह कहकर मामला टाल दिया जाता है कि फाइल विभाग को भेज दी गई है, बजट आने पर देखेंगे। वहीं बार-बार गुहार लगाने पर नेता बनते हो जैसी बातें कहकर डांट-फटकार और दुर्व्यवहार किया जाता है। कर्मचारी का कहना है कि उनके पास शासन के सभी आदेश और विभागीय आवेदनों की अधिकृत पावतियां मौजूद हैं। कृष्ण प्रताप यादव ने स्पष्ट किया कि यदि विभाग ने जल्द ही कर्मचारियों के बकाए लाभों का भुगतान नहीं किया और उन्हें न्याय नहीं दिलाया, तो वे इस तानाशाही के खिलाफ न्यायालय की शरण लेने को बाध्य होंगे।


बहरहाल विभाग की कार्यशैली पर 3 बड़े सवाल उठ रहे हैं और वह यह कि 800 खंभों के मामले में क्या स्थिति है? क्या इस पर निष्पक्ष जांच पूरी हो पाई? 57 कर्मचारियों का देय वेतनमान और महंगाई भत्ता कब मिलेगा? कर्मचारियों के आर्थिक हितों की अनदेखी क्यों की जा रही है? और आ​खिरी यह कि ईई अमर श्रीवास्तव और वरिष्ठ अधिकारी इन सवालों का जवाब कब देंगे?