बालाघाट, रीतेश सोनी। बालाघाट पुलिस ने सराफा व्यापारियों को निशाना बनाकर लूटपाट करने वाले कुख्यात अंतरराज्यीय एरागोल्ला गैंग के तीन शातिर बदमाशों को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से करीब ₹22 लाख मूल्य के सोने-चांदी के जेवरात बरामद किए हैं। इस अंतरराज्यीय गिरोह की धरपकड़ के लिए बालाघाट पुलिस द्वारा चलाया गया यह अभियान देश के सबसे बड़े और जटिल तकनीकी व मैदानी इन्वेस्टिगेशन अभियानों में से एक साबित हुआ है।


पुलिस अधीक्षक आदित्य मिश्रा के निर्देशन में आरोपियों की तलाश के लिए 76 पुलिसकर्मियों को शामिल कर 14 विशेष टीमें गठित की गई थीं। इन टीमों ने लगातार 65 दिनों तक मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, ओडिशा और महाराष्ट्र सहित चार राज्यों के 21 जिलों में करीब 22 हजार 270 किलोमीटर का सफर तय कर खाक छानी। इस दौरान पुलिस ने लगभग 190 संदिग्धों से पूछताछ की, 250 से अधिक सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले और 6 लाख 24 हजार 588 टेलीफोन कॉल रिकॉर्ड्स का गहन साइबर विश्लेषण किया। इसके अतिरिक्त, छह जिलों की जेलों में बंद पुराने अपराधियों से भी कड़ी पूछताछ कर गैंग का रूट मैप तैयार किया गया था।


पकड़े गए आरोपियों में रोशन ध्रुव निवासी रायपुर, छत्तीसगढ़, नरसिंहा उर्फ पुरतो प्रधान निवासी जाजपुर, ओडिशा तथा सचिन ध्रुव निवासी महासमुंद, छत्तीसगढ़ शामिल हैं। जांच में खुलासा हुआ है कि आरोपी बेहद शातिर तरीके से बिना नंबर प्लेट की मोटरसाइकिलों का इस्तेमाल करते थे और वारदात के दौरान हेलमेट पहनने के साथ-साथ बार-बार कपड़े बदलते थे, ताकि सीसीटीवी कैमरों या चश्मदीदों के जरिए उनकी शिनाख्त न हो सके। एसपी आदित्य मिश्रा ने बताया कि आरोपियों से पूछताछ जारी है और इस गिरोह के अंतरराज्यीय नेटवर्क सहित अन्य जिलों में हुई सराफा डकैतियों व लूट की अनसुलझी वारदातों के सुराग जुटाए जा रहे हैं। जल्द ही अन्य मामलों में भी बड़े खुलासे होने की उम्मीद है।