कटनी, प्रवीण तिवारी। मध्य प्रदेश के कटनी जिले अंतर्गत बहोरीबंद तहसील में स्वामित्व योजना के क्रियान्वयन को लेकर राजस्व प्रशासन और पटवारी संघ के बीच टकराव चरम पर पहुंच गया है। पटवारी संघ के ब्लॉक अध्यक्ष नवीन गर्ग ने बहोरीबंद एसडीएम श्लोक वायकर पर चार पटवारियों को बंधक बनाकर जबरन शासकीय कार्य कराने का सनसनीखेज आरोप लगाया है। संघ का कहना है कि जब योजना की विसंगतियों को लेकर प्रांतीय नेतृत्व की शासन स्तर पर बातचीत चल रही है, तब स्थानीय स्तर पर अधिकारियों द्वारा इस तरह का दमनकारी और तानाशाही रवैया अपनाया जा रहा है।
दोपहर 1 बजे से शाम तक बनाए रखा बंधक, मोबाइल भी जब्त करने का दावा
पटवारी संघ के ब्लॉक अध्यक्ष नवीन गर्ग के अनुसार, शुक्रवार दोपहर करीब 1:00 बजे से चार पटवारियों को अनुविभागीय अधिकारी (एसडीएम) कार्यालय में कथित तौर पर जबरन रोक लिया गया। आरोप है कि शाम 6:00 बजे तक (5 घंटे से अधिक समय बीतने के बाद भी) उन्हें वहां से जाने नहीं दिया गया और उन पर स्वामित्व योजना से जुड़ा काम पूरा करने का दबाव बनाया गया। संघ के पदाधिकारियों का यह भी गंभीर आरोप है कि पटवारियों के निजी मोबाइल फोन भी एसडीएम द्वारा जब्त कर लिए गए, ताकि वे अपने संगठन या परिजनों से संपर्क न कर सकें।
रिहाई की मांग को लेकर बहोरीबंद थाने पहुंचे पटवारी, सौंपा शिकायती आवेदन
घटनाक्रम की सूचना मिलते ही पटवारी संघ में गहरा आक्रोश फैल गया। संघ के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में पटवारी एकजुट होकर बहोरीबंद पुलिस थाने पहुंचे। संघ ने पुलिस को औपचारिक शिकायती आवेदन सौंपते हुए मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने और कथित तौर पर बंधक बनाए गए चारों पटवारियों को मुक्त कराने की मांग की। पटवारियों का दो टूक कहना है कि शासकीय कार्य के नाम पर कर्मचारियों को उनकी इच्छा के विरुद्ध बंधक बनाना और उनके निजी फोन छीनना पूरी तरह से गैर-कानूनी और सेवा नियमों के विपरीत है।
प्रशासनिक जवाब का इंतजार, पुलिस जांच के बाद स्पष्ट होगी स्थिति
इस पूरे विवाद के बाद प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया है। हालांकि, पटवारी संघ द्वारा लगाए गए इन गंभीर आरोपों पर बहोरीबंद एसडीएम श्लोक वायकर और जिला प्रशासन का आधिकारिक पक्ष अभी सामने नहीं आया है। अब देखना यह होगा कि पुलिस इस शिकायत पर क्या रुख अपनाती है और प्रशासन की ओर से इस मामले में क्या सफाई दी जाती है।














