छतरपुर/नौगांव। द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश पंकज कुमार जैन की अदालत ने दिनदहाड़े हुई वृद्ध की निर्मम हत्या के बहुचर्चित मामले में 12 आरोपियों को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।

एड.राहुल रैकवार ने बताया कि घटना 13 जुलाई 2024 को दोपहर करीब 12 बजे की है। फरियादी शैलेंद्र यादव अपने वृद्ध पिता शंकर यादव के साथ धीरजपुर स्थित 'झिन्ना वाले खेत' में मूंगफली की फसल में दवा डाल रहे थे, जबकि शंकर यादव पास में भैंसें चरा रहे थे। इसी दौरान पुरानी रंजिश के चलते गांव के करण यादव, देशराज, बुद्धि सिंह, जाहर सिंह, रोहित, महंत, कल्लू, रामलाल, राजू, हल्काई, विशेष और बृजकिशोर यादव लाठी-डंडों एवं कुल्हाड़ियों से लैस होकर मौके पर पहुंचे।


आरोपियों ने गाली-गलौज करते हुए हमला कर दिया। करण यादव ने कुल्हाड़ी से शंकर यादव के गले पर वार किया, जबकि देशराज ने कान के पास कुल्हाड़ी से हमला किया। बुद्धि सिंह ने लाठी से मारपीट की और अन्य आरोपियों ने भी लात-घूंसों एवं डंडों से हमला किया। गंभीर रूप से घायल शंकर यादव को नौगांव अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।


घटना की सूचना पर थाना नौगांव पुलिस ने मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की। जांच के दौरान घटनास्थल से खून से सनी मिट्टी, डंडे और मृतक के कपड़े जब्त किए गए। आरोपियों की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त कुल्हाड़ी और अन्य हथियार भी बरामद किए गए। विवेचना पूरी होने के बाद न्यायालय में चालान प्रस्तुत किया गया। सुनवाई के दौरान अभियोजन की ओर से रवींद्र सिंह सेंगर अपर लोक अभियोजक द्वारा शासन का पक्ष रखा। प्रस्तुत प्रत्यक्षदर्शी गवाहों, वैज्ञानिक साक्ष्यों तथा अन्य प्रमाणों के आधार पर न्यायालय ने सभी 12 आरोपियों को दोषी पाया और उन्हें आजीवन कारावास तथा अर्थदंड से दंडित किया।