भोपाल। मध्य प्रदेश में एक साथ मानसून ट्रफ, साइक्लोनिक सर्कुलेशन और शियर जोन सक्रिय होने के कारण प्रदेशभर में झमाझम बारिश और आंधी का दौर जारी है। भोपाल में कभी धूप तो कभी बारिश का सिलसिला बना हुआ है, जबकि बैतूल, छिंदवाड़ा और पचमढ़ी में मूसलाधार बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग ने गुरुवार को प्रदेश के 17 जिलों में भारी से अति भारी बारिश की चेतावनी जारी की है।


बैतूल में दर्दनाक हादसा और 17 जिलों में अलर्ट

बैतूल के गंज थाना इलाके में बुधवार रात हुई मूसलाधार बारिश के दौरान रेलवे की बाउंड्री वॉल पास बनी झोपड़ी पर गिर गई। हादसे में झोपड़ी में सो रहे 27 वर्षीय मजदूर राहुल उइके की मौत हो गई, जबकि उनका साथी शनि सिंह गंभीर रूप से घायल हो गया।


बीते 24 घंटे में छिंदवाड़ा के हर्रई में सबसे अधिक करीब 6 इंच, पचमढ़ी में 5 इंच और बैतूल के भैंसदेही में 4 इंच से ज्यादा पानी गिरा है। मौसम विभाग ने धार, देवास, बुरहानपुर, हरदा और नर्मदापुरम में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इसके अलावा उज्जैन, शाजापुर, सीहोर, बड़वानी, खरगोन, खंडवा, रायसेन, सागर, बैतूल, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा और सिवनी में भारी बारिश का यलो अलर्ट दिया गया है।


बारिश के आंकड़ों में 16% की कमी, 47 जिले पिछड़े

लगातार हो रही बारिश के बावजूद प्रदेश में मानसून का कुल आंकड़ा अभी भी सामान्य से नीचे बना हुआ है। अब तक प्रदेश में औसतन 14.1 इंच (359.3 मिमी) बारिश हुई है, जबकि इस अवधि तक 16.9 इंच बारिश हो जानी चाहिए थी, यानी कुल 16 प्रतिशत (2.8 इंच) कम बारिश दर्ज की गई है। पूर्वी मध्य प्रदेश में 15 प्रतिशत और पश्चिमी मध्य प्रदेश में 17 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है।


प्रदेश के 47 जिलों (जैसे जबलपुर, उज्जैन, ग्वालियर, रायसेन, बैतूल, सतना आदि) में औसत से कम बारिश दर्ज हुई है, जबकि भोपाल, इंदौर, देवास, मंदसौर, राजगढ़, सीहोर, भिंड और बुरहानपुर (कुल 8 जिलों) में सामान्य से अधिक बारिश हो चुकी है। देवास में सबसे ज्यादा 29% अतिरिक्त बारिश हुई है। पूरे मानसून की कुल बारिश (सामान्य 37.3 इंच) का लगभग 40% हिस्सा जुलाई में ही गिरता है, जिसमें जबलपुर में सबसे अधिक औसतन 17 इंच और भोपाल में 14.4 इंच बारिश दर्ज की जाती है।