भोपाल। मध्य प्रदेश में मानसून ट्रफ समेत दो मानसूनी सिस्टम एक्टिव होने से प्रदेशभर में बारिश का दौर जारी है। मौसम विभाग ने आगामी 24 घंटों के भीतर प्रदेश के 8 जिलों (सतना, कटनी, उमरिया, मंडला, डिंडौरी, सिवनी, रायसेन और बैतूल) में 4 इंच या उससे अधिक अति भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। इसके अलावा भोपाल, इंदौर, ग्वालियर और जबलपुर समेत राज्य के अन्य 47 जिलों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई गई है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में बना गहरा अवदाब अब मध्य भारत की ओर बढ़ रहा है, जिसके प्रभाव से 28 से 30 जुलाई के दौरान पूरे प्रदेश में एक बार फिर मूसलाधार बारिश का दौर देखने को मिल सकता है।
प्रदेश में अब तक 17% कम बरसा पानी, जुलाई में प्रमुख शहरों का बारिश ट्रेंड
जुलाई के उत्तरार्ध में बारिश की रफ्तार धीमी पड़ने से प्रदेश का मानसून आंकड़ा माइनस में चला गया है। राज्य में अब तक औसतन 13.2 इंच (336.7 मिमी) बारिश हुई है, जो सामान्य से 17 प्रतिशत कम है; जहां 47 जिले पानी की कमी झेल रहे हैं, वहीं भोपाल, इंदौर और देवास समेत केवल 8 जिलों में ही सामान्य से अधिक बारिश दर्ज हुई है। ऐतिहासिक आंकड़ों पर नज़र डालें तो जुलाई महीने में ही प्रदेश की कुल मानसूनी बारिश का लगभग 40% हिस्सा गिरता है, जिसमें जबलपुर में सर्वाधिक (औसतन 17 इंच), भोपाल में 14.4 इंच, इंदौर में 12 इंच और ग्वालियर में औसतन 9 इंच बारिश दर्ज की जाती है।




