मुंबई। महाराष्ट्र के राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा ने शनिवार को महाराष्ट्र लोक भवन में रायगढ़ जिले के आदिवासी और ग्रामीण क्षेत्रों के छात्रों के लिए एक नई स्कूल बस औपचारिक रूप से सौंपी। यह बस 'सुमन रमेश तुलसियानी ट्रस्ट' ने रायगढ़ जिले के रतवाड़ स्थित 'छत्रपति शिक्षण मंडल' के माध्यमिक विद्यामंदिर को दान में दी है।

कार्यक्रम में सुमन रमेश तुलसियानी ट्रस्ट के ट्रस्टी मनीष रूपानी, नाना पालकर स्मृति समिति के पदाधिकारी कृष्णा महाडिक, छत्रपति शिक्षण मंडल के मानद सचिव डॉ. नीलेश रेवगड़े और संस्था के अन्य प्रतिनिधि उपस्थित रहे। राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा ने बस की चाबी ट्रस्ट प्रतिनिधियों के हाथों संस्था को सौंपी।

रतवाड़ का यह माध्यमिक विद्यामंदिर क्षेत्र के आठ गांवों और चार आदिवासी बस्तियों के कुल 196 छात्रों को शिक्षा प्रदान कर रहा है। स्कूल बस सेवा शुरू होने के बाद स्कूल में दाखिला लेने वाले छात्रों की संख्या में 42 की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। दूर-दराज के आदिवासी बच्चों के लिए परिवहन व्यवस्था उपलब्ध होने से अब वे नियमित रूप से स्कूल पहुंच पा रहे हैं, जिससे उनकी पढ़ाई पर सकारात्मक प्रभाव पड़ा है।

ट्रस्ट के प्रतिनिधियों ने बताया कि सुमन रमेश तुलसियानी ट्रस्ट शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर कार्य कर रहा है। ट्रस्ट अब तक शिक्षा के उद्देश्य से कुल नौ स्कूल बसें विभिन्न संस्थाओं को दान कर चुका है। यह बस भी उसी क्रम में दी गई है। हाल ही में रमेश तुलसियानी और सुमन तुलसियानी का मात्र 15 दिनों के अंतराल में निधन हो गया था। इसके बावजूद ट्रस्ट उनकी सामाजिक सेवा की विरासत को आगे बढ़ा रहा है। ट्रस्ट शिक्षा, स्वास्थ्य और आदिवासी कल्याण जैसे क्षेत्रों में सक्रिय रूप से काम कर रहा है।

राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा ने इस अवसर पर ट्रस्ट की पहल की सराहना की और कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में ऐसे दान से ग्रामीण और आदिवासी बच्चों का भविष्य उज्ज्वल होगा। उन्होंने कहा कि स्कूल बस जैसी सुविधाएं बच्चों की नियमित उपस्थिति और शिक्षा की गुणवत्ता दोनों को बढ़ावा देती हैं।