भोपालl मध्य प्रदेश के एक वरिष्ठ अधिकारी द्वारा नगरीय निकायों में हो रहे भ्रष्टाचार को लेकर दिए गए बयान के बाद राज्य की सियासत गरमाई हुई है l मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी का कहना है कि इस भ्रष्टाचार के लिए सिर्फ नौकरशाही ही जिम्मेदार नहीं है बल्कि इसमें राजनीतिक संरक्षण की भी बड़ी भूमिका है l दरअसल, एसीएस रैंक के अधिकारी द्वारा नगरनिकायों के अधिकारियों के कार्यक्रम में नगरीय निकाय में हो रही खरीदी प्रक्रिया में भ्रष्टाचार को लेकर आंकड़े भी दिए थे और यह वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ l उसके बाद से सरकार भी कई अधिकारियों पर कार्रवाई कर रही है l
मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के राज्य सचिव जसविंदर सिंह ने एक बयान जारी करते हुए कहा है कि भाजपा की आंतरिक प्रतिद्वंदता से लीक हुए इस वीडियो को अब दबाने और लीपापोती करने की साजिशें हो रही हैं l वही अधिकारी जिसने कहा था कि अगले साल से यह हुआ तो माफ नहीं किया जाएगा, अब कह रहा है कि 139 लोगों के खिलाफ कार्रवाई हुई है लेकिन उनके सामाजिक सम्मान के कारण उनके नाम उजागर नहीं किए जा सकते हैं l
माकपा नेता ने कहा है कि जो भाजपा सरकार बिजली बिल के लेट होने या जमा न कर पाने के कारण सभ्य नागरिकों के घरों पर नोटिस चस्पा कर देता है, कुर्कियां कर देता है l सामान्य से अपराध में गरीबों के घरों पर बुलडोजर चला देता है , उसे भ्रष्टाचारियों की सामाजिक प्रतिष्ठा और सम्मान की चिन्ता हो रही है l इससे साफ हो जाता है कि भाजपा की सरकार किसकी सरकार है l
उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार की राशि को 250 करोड़ बताना भी संदेह पैदा करता है क्योंकि यदि 5 रुपये की फिनाइल 33 हजार रुपये और 350 की एल ई डी 11500 रुपये में और 2 लाख की कचरा गाड़ी 6 लाख रुपये में खरीदी गई है तो 11 हजार करोड़ की खरीदी में सिर्फ 250 करोड़ का भ्रष्टाचार कैसे हो सकता है l
माकपा नेता ने कहा है कि भ्रष्टाचार के इस मामले पर मुख्यमंत्री, संबधित मंत्री और भाजपा की चुप्पी भी संदेह पैदा करती है l वे जानते हैं कि भ्रष्टाचार की इस गंगा में नौकरशाही के साथ ही भाजपा नेताओं और मंत्रियों ने भी डुबकी लगाई है l मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी की मांग है कि भ्रष्टाचार के सारे साक्ष्य सार्वजनिक किए जाने चाहिए और उन लोगों के नाम भी सार्वजनिक किए जाएं, जिनके खिलाफ कार्रवाई की गई है l














