छतरपुर, संतोष शिवहरे। शहर के एक निजी होटल में काव्य गोष्ठी एवं वरिष्ठ कवयित्री श्रीमती विमल बुन्देला के चतुर्थ कविता संग्रह 'तुमसे शुरू तुम तक' पर एक विचारपूर्ण परिचर्चा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ कवयित्री मालती श्रीवास्तव ने की। मुख्य अतिथि के रूप में आकाशवाणी छतरपुर की पूर्व कार्यक्रम अधिकारी रेखा वासुदेव उपस्थित रहीं। विशिष्ट अतिथियों में सुषमा दोसाज, आभा श्रीवास्तव एवं अवनींद्र खरे 'अंशुमान' शामिल रहे। कार्यक्रम का संचालन संध्या श्रीवास्तव ने किया।
परिचर्चा के दौरान आमंत्रित साहित्यकारों एवं साहित्यप्रेमियों ने कविता संग्रह 'तुमसे शुरू तुम तक' की कविताओं के विविध पक्षों पर अपने विचार व्यक्त किए। वक्ताओं ने संग्रह की संवेदनशील अभिव्यक्ति, भाव-सौंदर्य, भाषा की सहजता तथा समकालीन जीवन के विविध आयामों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने के लिए विमल बुन्देला की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह कविता संग्रह मानवीय रिश्तों, जीवनानुभूतियों और भावनात्मक गहराइयों को अत्यंत सशक्त रूप में अभिव्यक्त करता है।अतिथियों ने कविताओं के कला और भाव पक्ष पर भी अपने विचार व्यक्त किए।गौरतलब है कि उनके इस कविता संग्रह में हर विषय को छूतीं 87 कविताओं को सहेजा गया है और यह काव्य संग्रह उन्होंने अपने स्वर्गीय पति नेत्र रोग विशेषज्ञ सुरेंद्र सिंह बुंदेला को समर्पित किया है।
परिचर्चा के उपरांत आयोजित काव्य गोष्ठी में उपस्थित कवियों एवं रचनाकारों ने अपनी-अपनी रचनाओं का पाठ किया। विविध रसों से सजी काव्य प्रस्तुतियों ने साहित्यिक वातावरण को जीवंत बना दिया।कई अतिथियों ने विमल बुन्देला के संग्रह की चुनिंदा कविताओं का सस्वर वाचन भी किया।कार्यक्रम का समापन साहित्य और सृजन के प्रति निरंतर सक्रिय रहने के संकल्प के साथ हुआ।




