भोपाल। मध्य प्रदेश में मानसून का एक और मजबूत सिस्टम सक्रिय हो गया है। पूर्वी मध्य प्रदेश के जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभाग में भारी बारिश का दौर जारी है। मौसम विभाग ने शुक्रवार को 12 जिलों में 24 घंटे के भीतर 4 इंच या उससे अधिक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है।
12 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट
सागर, नर्मदापुरम, नरसिंहपुर, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, अनूपपुर, शहडोल, कटनी, मऊगंज, सीधी और सिंगरौली। भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, रीवा और सतना समेत अन्य जिलों में रुक-रुक कर बारिश का अनुमान है।
खरगोन का साटक जलाशय ओवरफ्लो
खरगोन (गोगांवा क्षेत्र) में लगातार बारिश के चलते 18.38 मिलियन क्यूबिक मीटर क्षमता वाला साटक जलाशय 100% भरकर स्पिल-वे के ऊपर से बहने लगा है। दो साल बाद बने इस माहौल से निचले हिस्से में स्थित साटकेश्वर महादेव मंदिर जलमग्न हो गया है। 29 जुलाई तक 72% खाली यह जलाशय महज 3 दिन की बारिश में लबालब हो गया।
बंगाल की खाड़ी में बने सिस्टम का असर
मौसम विशेषज्ञ शैलेंद्र कुमार नायक के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में 12 अगस्त को बना कम दबाव का क्षेत्र (लो प्रेशर एरिया) 13 अगस्त को डिप्रेशन में तब्दील होकर पश्चिम बंगाल और झारखंड की ओर बढ़ रहा है। इसके प्रभाव से मानसून ट्रफ पूरी तरह सक्रिय है, जिससे आने वाले कुछ दिनों तक प्रदेश में तेज बारिश जारी रहेगी।
प्रदेश में बारिश का कुल आंकड़ा
अब तक हुई बारिश: लगभग 20.7 इंच (524.8 मिमी)। औसत बारिश (23.5 इंच) की तुलना में वर्तमान में कुल बारिश सामान्य से 12% कम है (पूर्वी हिस्सों में 20% और पश्चिमी हिस्सों में 5% की कमी)। भोपाल, गुना, सीहोर, राजगढ़, ग्वालियर, अनूपपुर, भिंड, बुरहानपुर, देवास, बड़वानी, खंडवा और खरगोन में सामान्य से अधिक बारिश दर्ज की जा चुकी है।
जून की कमी बरकरार
जून में हुई 14% कम बारिश का असर अब भी बना हुआ है। जुलाई में अच्छी बारिश से पानी का कोटा पूरा हुआ, लेकिन जून की भरपाई अभी तक नहीं हो पाई है।




