भोपाल। मध्य प्रदेश के 26 जिलों में बीते 24 घंटों के दौरान झमाझम बारिश दर्ज की गई है। इस दौरान शहडोल जिले के गोहपारू में सर्वाधिक 2 इंच (50 मिमी) पानी गिरा। राजधानी भोपाल में भी बुधवार सुबह 11:20 बजे अचानक मौसम बदला और करीब 5 मिनट तक तेज बारिश हुई। हालांकि, इसके तुरंत बाद धूप निकल आई। मौसम विभाग के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में बना अवदाब (डिप्रेशन) का नया सिस्टम तेजी से मजबूत हो रहा है, जिसके प्रभाव से 26 सितंबर तक प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में तेज से भारी बारिश का दौर जारी रहने के आसार हैं।
सामान्य से 2.3 इंच पीछे चल रहा प्रदेश; पश्चिमी हिस्सों में 10% कमी
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के आंकड़ों के अनुसार, मध्य प्रदेश में चालू मानसून सीजन में अब तक औसतन 34.2 इंच (869.3 मिमी) बारिश दर्ज की जा चुकी है, जो कि इस अवधि की सामान्य बारिश 36.5 इंच (927.5 मिमी) की तुलना में 2.3 इंच कम है। यानी पूरे प्रदेश में अब तक 6 प्रतिशत कम पानी गिरा है: जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभागों में औसत से महज 2% कम बारिश हुई है। इंदौर, उज्जैन, भोपाल और नर्मदापुरम संभागों में औसत से 10% कम बारिश रिकॉर्ड की गई है। छतरपुर, भोपाल, ग्वालियर, गुना, दतिया, भिंड, राजगढ़, शिवपुरी, शहडोल, पन्ना, अनूपपुर, सतना और खरगोन सहित 23 जिलों में अब तक सामान्य से अधिक पानी बरस चुका है।
25 और 26 सितंबर को अति भारी बारिश की चेतावनी
मौसम विशेषज्ञ शैलेंद्र कुमार नायक ने बताया कि बंगाल की खाड़ी में सक्रिय हुआ मौसमी सिस्टम जैसे-जैसे मध्य भारत की ओर बढ़ेगा, वायुमंडलीय परिसंचरण और नमी के परिवहन के कारण मध्य प्रदेश में मानसूनी गतिविधियों में तेजी आएगी। 23 और 24 सितंबर को कई जिलों में मध्यम से तेज बारिश होगी, जबकि 25 और 26 सितंबर को प्रदेश के कुछ हिस्सों में भारी से अति भारी बारिश (Heavy to Very Heavy Rainfall) होने का अनुमान है।
आज (बुधवार) के लिए जारी अलर्ट
छिंदवाड़ा, सिवनी और बालाघाट जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। भोपाल, इंदौर, उज्जैन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, रायसेन, देवास, रतलाम, मंदसौर, नीमच, धार, झाबुआ, खरगोन, खंडवा, बड़वानी, बुरहानपुर, ग्वालियर, जबलपुर, रीवा, सतना, सागर, दमोह, छतरपुर और टीकमगढ़ सहित शेष जिलों में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बौछारें पड़ने की संभावना है।




