भोपाल। मध्यप्रदेश में दक्षिण-पश्चिम मानसून के पूरी तरह सक्रिय होने से राज्यभर में झमाझम बारिश का दौर जारी है। मौसम विभाग (IMD) ने शनिवार को प्रदेश के 35 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है, जबकि 20 अन्य जिलों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई है। आगामी 4 दिनों तक कई क्षेत्रों में भारी से अति भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। प्रदेश में अब तक औसतन 13 इंच (330.4 मिमी) बारिश हो चुकी है, जो कि कुल मानसूनी कोटे का लगभग 35 प्रतिशत है।
क्यों हो रही है तेज बारिश?
मौसम विशेषज्ञ शैलेंद्र कुमार नायक के अनुसार:
अरब सागर और बंगाल की खाड़ी—दोनों दिशाओं से प्रदेश को लगातार नमी मिल रही है। मानसून ट्रफ लाइन वर्तमान में मध्यप्रदेश के ऊपर से गुजर रही है। हवा में आर्द्रता (नमी) का स्तर 80 से 95 प्रतिशत तक पहुंच गया है, जिससे मूसलाधार बारिश के अनुकूल परिस्थितियां बनी हुई हैं।
किन जिलों में अलर्ट और बाढ़ का खतरा?
भारी बारिश का अलर्ट (35 जिले): भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, जबलपुर, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, धार, झाबुआ, आलीराजपुर, खरगोन, खंडवा, बड़वानी, बुरहानपुर, नीमच, मंदसौर, रतलाम, आगर-मालवा, शाजापुर, देवास, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, कटनी, नरसिंहपुर और छिंदवाड़ा।
हल्की से मध्यम बारिश (20 जिले): रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, सागर, दमोह, मैहर, मऊगंज, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, बालाघाट, मंडला, सिवनी, डिंडौरी और पांढुर्णा।
चेतावनी: लगातार बारिश से निचले इलाकों में जलभराव, छोटे नदी-नालों के उफान पर आने और बाढ़ जैसे हालात बनने की आशंका है। प्रशासन ने लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है।
बारिश के आंकड़ों में सुधार और जिलों का हाल
पिछले 4 दिनों में हुई बारिश से कुल बारिश का घाटा कम हुआ है:
20 जुलाई तक जो बारिश सामान्य से 17% कम थी, वह अब घटकर 11% कम पर आ गई है (330.4 मिमी दर्ज, जबकि इस अवधि तक सामान्य आंकड़ा 370.9 मिमी होता है)। 14 जिलों में सामान्य से अधिक बारिश: देवास जिला प्रदेश में सबसे आगे है, जहां अब तक 19.6 इंच बारिश हो चुकी है। इसके अलावा भोपाल, इंदौर, सीहोर, राजगढ़, हरदा, बुरहानपुर, नीमच, आगर-मालवा और भिंड में भी पानी सामान्य से अधिक गिरा है। प्रदेश के 41 जिलों में अब भी बारिश का आंकड़ा माइनस (सामान्य से कम) बना हुआ है।
जुलाई महीने में MP के 5 बड़े शहरों का ऐतिहासिक रिकॉर्ड
इंदौर:
औसत बारिश: 12 इंच (महीने में औसतन 13 दिन बारिश)।
रिकॉर्ड: 27 जुलाई 1913 को 24 घंटे में सर्वाधिक 11.5 इंच बारिश हुई थी। वर्ष 1973 में पूरे महीने में 30.5 इंच पानी बरसा था।
भोपाल:
औसत बारिश: 14.4 इंच (367.7 मिमी, औसतन 15 दिन बारिश)।
रिकॉर्ड: जुलाई 1986 में महीने की सर्वाधिक 41 इंच (1031.4 मिमी) बारिश का रिकॉर्ड है। 22 जुलाई 1973 को 24 घंटे में 11 इंच बारिश दर्ज हुई थी।
जबलपुर:
औसत बारिश: 17 इंच (4 बड़े शहरों में सबसे अधिक, औसतन 15-16 दिन बारिश)।
रिकॉर्ड: वर्ष 1930 में पूरे महीने में 45 इंच पानी गिरा था। 30 जुलाई 1915 को 24 घंटे की सर्वाधिक 13.5 इंच बारिश दर्ज हुई थी।
ग्वालियर:
औसत बारिश: 9 इंच के करीब (औसतन 11 दिन बारिश)।
रिकॉर्ड: वर्ष 1935 में जुलाई में सर्वाधिक 24.5 इंच (623.3 मिमी) बारिश हुई थी। 12 जुलाई 2015 को 24 घंटे में 7.5 इंच पानी बरसा था।
उज्जैन:
उज्जैन में भी जुलाई के दौरान मानसूनी कोटे की लगभग 40 प्रतिशत बारिश पूरी हो जाती है।




