दमोह। दमोह जिले के नरसिंहगढ़ के पास बहने वाली सुनार नदी में एक 20 वर्षीय युवक ने अचानक छलांग लगा दी। प्राथमिक जानकारी के मुताबिक, रानगिर निवासी अंकित यादव नया मोबाइल दिलाने की मांग को लेकर परिजनों से जिद कर रहा था। इसी बात से नाराज होकर उसने गुस्से में यह कदम उठाया और सीधे उफनती नदी में कूद गया।
बेटे को बचाने के लिए 68 वर्षीय पिता भी नदी में उतरे
अपने जवान बेटे को आंखों के सामने नदी में डूबता देखकर उसके 68 वर्षीय पिता द्वारिका यादव भी खुद को नहीं रोक पाए और उसे बचाने के लिए तुरंत नदी में उतर गए। नदी में पिता और पुत्र दोनों को डूबता देखकर वहां मौजूद लोगों में अचानक अफरा-तफरी मच गई और लोग मदद के लिए गुहार लगाने लगे।
नाविक की सूझबूझ और फुर्ती से टला बड़ा हादसा
चीख-पुकार सुनकर घाट पर मौजूद माझी समाज के डालचंद रायकवार ने बिना समय गंवाए अपनी नाव की मदद से राहत कार्य शुरू किया। उन्होंने अदम्य साहस और सूझबूझ दिखाते हुए तुरंत पिता-पुत्र दोनों को नदी से सुरक्षित बाहर निकाल लिया। समय रहते की गई इस मदद के कारण एक बहुत बड़ा हादसा टल गया और दोनों की जान बच गई।
एक साल पहले ही रानगिर में बसा था परिवार
स्थानीय लोगों द्वारा बताया गया है कि द्वारिका यादव मूल रूप से दमोह शहर के बजरिया इलाके के रहने वाले हैं। करीब एक साल पहले ही वह अपने परिवार के साथ रानगिर में आकर रहने लगे थे। इस खौफनाक घटना के बाद पिता और पुत्र दोनों के सकुशल बच जाने से परिजनों के साथ-साथ मौके पर मौजूद सभी लोगों ने बड़ी राहत की सांस ली है।




