नई दिल्ली। शेयर बाजार रविवार को नए संवत 2083 का स्वागत करेगा। इस शुभ अवसर पर निवेशकों के लिए एक बार फिर एक घंटे का विशेष मुहूर्त ट्रेडिंग सत्र आयोजित किया गया है। पिछले 10 मुहूर्त ट्रेडिंग सत्रों में भारतीय शेयर बाजार में आठ बार तेजी दर्ज की गई है। प्रमुख सूचकांक निफ्टी और सेंसेक्स में 2016 और 2017 में गिरावट आई थी, लेकिन इसके बाद लगातार आठ सत्रों में दोनों सूचकांक बढ़त के साथ बंद हुए। हालांकि, इस दौरान तेजी आमतौर पर 1 प्रतिशत से कम रही।
बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) 8 नवंबर को दोपहर 2:20 बजे से 3:30 बजे तक विशेष ट्रेडिंग सत्र आयोजित करेंगे। यह सत्र नए हिंदू वित्तीय वर्ष की शुरुआत का प्रतीक है।
ऐतिहासिक आंकड़ों के अनुसार, 2016 के मुहूर्त ट्रेडिंग सत्र में निफ्टी में 0.14 प्रतिशत और 2017 में 0.63 प्रतिशत की गिरावट आई थी। हालांकि, 2018 में सूचकांक ने रुख पलटते हुए 0.7 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की। इसके बाद 2019 में 0.37 प्रतिशत, 2020 में 0.47 प्रतिशत और 2021 में 0.5 प्रतिशत की तेजी आई।
2022 में निफ्टी में 1 प्रतिशत की मजबूत बढ़त दर्ज की गई। इसके बाद 2023 में 0.5 प्रतिशत और 2024 में 0.4 प्रतिशत की तेजी आई। 2025 के पिछले मुहूर्त ट्रेडिंग सत्र में निफ्टी में करीब 0.1 प्रतिशत की मामूली बढ़त दर्ज की गई थी।
2025 के सत्र के दौरान सेंसेक्स और निफ्टी की शुरुआत बढ़त के साथ हुई थी और शुरुआती कारोबार में दोनों सूचकांक उस समय के अपने 52 सप्ताह के उच्चतम स्तर पर पहुंच गए थे। हालांकि, कारोबार आगे बढ़ने के साथ दोनों सूचकांकों ने अपनी शुरुआती बढ़त का अधिकांश हिस्सा गंवा दिया और अंत में मामूली तेजी के साथ बंद हुए।
सेंसेक्स 63 अंक यानी करीब 0.07 प्रतिशत की बढ़त के साथ 84,426 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 25 अंक यानी लगभग 0.1 प्रतिशत चढ़कर 25,868 पर बंद हुआ।
पिछले 10 मुहूर्त ट्रेडिंग सत्रों में सेंसेक्स ने भी आठ बार सकारात्मक रिटर्न दिया है। 2016 में इसमें 0.04 प्रतिशत और 2017 में 0.59 प्रतिशत की गिरावट आई थी। इसके बाद लगातार आठ वर्षों तक सूचकांक बढ़त के साथ बंद हुआ।
सेंसेक्स में 2018 में 0.7 प्रतिशत, 2019 में 0.49 प्रतिशत और 2020 में 0.45 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई। 2021 में इसमें 0.5 प्रतिशत की बढ़त रही, जबकि 2022 में यह और मजबूत होकर 0.87 प्रतिशत चढ़ा। इसके बाद 2023 में सूचकांक 0.54 प्रतिशत और 2024 में 0.42 प्रतिशत बढ़ा। वहीं, 2025 के सत्र में यह करीब 0.07 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुआ।
















