सीहोर। मध्य प्रदेश के सीहोर जिले की इछावर तहसील के ग्राम बालोड़िया में आयोजित एक शासकीय कार्यक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर सुर्खियां बटोर रहा है। कार्यक्रम के दौरान मंच से प्रदेश के राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा और सीहोर कलेक्टर बालागुरु के बीच हुआ हल्का-फुल्का संवाद और हंसी-मजाक लोगों के बीच चर्चा का केंद्र बन गया।


मंत्री की सहज टिप्पणी पर गूंजे ठहाके, कलेक्टर की भाषा पर भी ली चुटकी

मंच से जनता और अधिकारियों को संबोधित करते हुए राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा ने कलेक्टर बालागुरु की ओर देखते हुए मजाकिया अंदाज में जीवन और पद की नश्वरता पर बात की: मंत्री ने कहा, "ना आपकी गारंटी है, ना मेरी… आज आप कलेक्टर हैं, कल नहीं रहेंगे। आज मैं मंत्री हूं, कल नहीं रहूंगा। इसलिए जब तक पद पर हैं, खुलकर और ईमानदारी से काम कीजिए।" मंत्री के इस सहज अंदाज पर कार्यक्रम में मौजूद ग्रामीण और अधिकारी हंस पड़े। मंत्री वर्मा ने आगे कलेक्टर की भाषा सुधार का जिक्र करते हुए कहा कि जब बालागुरु जिले में नए-नए आए थे, तब उन्हें स्थानीय बोली-भाषा समझने में थोड़ी दिक्कत होती थी, लेकिन अब उन्होंने स्थानीय भाषा पर अच्छी पकड़ बना ली है।


मजाक के बीच दिया कड़ा संदेश— "जनता को दफ्तरों के चक्कर न कटवाएं अफसर"

हंसी-मजाक के माहौल के बीच राजस्व मंत्री ने प्रशासनिक तंत्र को जनहित के कार्यों को लेकर सख्त हिदायत भी दी: मंत्री ने कहा कि प्रशासनिक अधिकारियों को आम जनता के काम में अनावश्यक अड़चनें पैदा नहीं करनी चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि पद स्थायी नहीं होते, लेकिन जनता के प्रति अधिकारियों की जिम्मेदारी स्थायी होती है। जरूरतमंदों के काम समय सीमा में पूरे होने चाहिए ताकि उन्हें बार-बार सरकारी दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़ें।


सरकारी कार्यक्रमों की अमूमन औपचारिक और गंभीर शैली से इतर मंत्री और कलेक्टर के बीच हुए इस जीवंत व सहज संवाद का वीडियो अब इंटरनेट पर खूब शेयर किया जा रहा है।