भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल को स्वच्छ, प्रदूषण-मुक्त और आधुनिक सार्वजनिक परिवहन सेवा से जोड़ने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। सोमवार से शहर में नई इलेक्ट्रिक बसों (E-Buses) का आधिकारिक ट्रायल रन शुरू कर दिया गया है। बैरागढ़ डिपो से रवाना होकर ये ई-बसें भोपाल के तीन प्रमुख और व्यस्ततम रूटों पर संचालित की गईं। प्रशासन के अनुसार, यह ट्रायल रन अगले पांच दिनों तक लगातार जारी रहेगा। यदि परीक्षण के दौरान सभी तकनीकी और व्यावहारिक मानक सफल रहते हैं, तो आगामी अगस्त महीने से भोपाल के आम नागरिक इन हाइटेक ई-बसों में सुगम और आरामदायक सफर का आनंद ले सकेंगे।
तीन प्रमुख रूटों पर हो रहा परीक्षण, ट्रैफिक दबाव की ली जा रही जानकारी
ट्रायल रन के अंतर्गत ई-बसों को शहर की मुख्य सड़कों पर उतारकर विभिन्न व्यावहारिक पहलुओं को जांचा जा रहा है। बसों का संचालन बैरागढ़ डिपो से शुरू होकर पुराने भोपाल के प्रमुख इलाकों से गुजरते हुए बोर्ड ऑफिस चौराहा तक किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त, भोपाल रेलवे स्टेशन (प्लेटफॉर्म नंबर-1) और बैरागढ़-चीचली-कोलार जैसे लंबे और घनी आबादी वाले रूटों पर भी बसों को चलाकर देखा जा रहा है। इस दौरान सड़कों पर ट्रैफिक के दबाव, रूटों की सुगमता, बस स्टॉप्स पर ठहराव और संचालन से जुड़ी अन्य तकनीकी व्यवस्थाओं का बारीकी से आकलन किया जा रहा है।
यात्रियों की आवाजाही अभी स्थगित, प्रतिदिन दो शिफ्ट में हो रहा ट्रायल
वर्तमान में चल रहा यह चरण विशुद्ध रूप से एक तकनीकी परीक्षण (Technical Trial) है, इसीलिए सुरक्षात्मक दृष्टिकोण से अभी आम यात्रियों को इन बसों में बोर्डिंग या यात्रा करने की अनुमति नहीं दी गई है। हालांकि, नगर निगम की योजना के तहत शहर के विभिन्न वार्डों के पार्षदों को इस ट्रायल रन में शामिल किया जाएगा ताकि वे बसों की आंतरिक सुविधाओं, वातानुकूलन और संचालन व्यवस्था का प्रत्यक्ष अनुभव प्राप्त कर सकें।
ट्रायल प्रक्रिया को सुचारू रखने के लिए दैनिक परीक्षण दो अलग-अलग शिफ्टों में विभाजित किया गया है:
- प्रथम पाली: सुबह 08:00 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक
- द्वितीय पाली: दोपहर 02:00 बजे से शाम 06:00 बजे तक
इन पांच दिनों की समयसीमा में बसों की बैटरी परफॉर्मेंस, क्विक चार्जिंग क्षमता, आपातकालीन ब्रेकिंग सिस्टम, ट्रैफिक मूवमेंट के दौरान संतुलन और सॉफ्टवेयर से जुड़े सभी तकनीकी पहलुओं का विस्तृत डाटा तैयार किया जाएगा।
21 ई-बसें भोपाल पहुंचीं, बैरागढ़ डिपो में बना अत्याधुनिक चार्जिंग हब
नगर निगम अधिकारियों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, इलेक्ट्रिक बस प्रोजेक्ट के तहत भोपाल को अब तक 21 नई ई-बसें प्राप्त हो चुकी हैं। उम्मीद जताई जा रही है कि अगले 10 से 12 दिनों के भीतर 20 और नई ई-बसों की खेप भोपाल पहुंच जाएगी, जिसके बाद शहर का सार्वजनिक इलेक्ट्रिक बस बेड़ा और अधिक मजबूत हो जाएगा।
बसों के निर्बाध संचालन को सुनिश्चित करने के लिए बैरागढ़ डिपो में एक वृहद और आधुनिक चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित किया गया है। डिपो परिसर में कुल 11 हाई-पावर चार्जिंग प्वाइंट्स स्थापित किए गए हैं, जिससे एक साथ कई बसों को तेजी से चार्ज किया जा सकेगा और शहर में बसों की फ्रिक्वेंसी प्रभावित नहीं होगी।
कैबिनेट बैठक से हुई थी अनौपचारिक शुरुआत
उल्लेखनीय है कि रविवार को भोपाल के पास स्थित ऐतिहासिक स्थल जगदीशपुर में आयोजित विशेष कैबिनेट बैठक के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, राज्य सरकार के मंत्रियों और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों ने इन्हीं नई इलेक्ट्रिक बसों में सवार होकर यात्रा की थी। राज्य सरकार द्वारा हरित ऊर्जा और पर्यावरण संरक्षण को दिए जा रहे प्रोत्साहन के अगले ही दिन, सोमवार को भोपाल नगर निगम और ट्रांसपोर्ट विंग ने इन बसों का विधिवत ट्रायल रन सड़कों पर शुरू कर दिया।




