लखनऊ। उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ हत्याकांड मामले और उसके बाद हुए एनकाउंटर को लेकर सियासत गरमा गई है। इस घटना पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के नेताओं ने अलग-अलग प्रतिक्रिया दी है। लखनऊ में आईएएनएस से बात करते हुए कांग्रेस प्रवक्ता सुरेंद्र राजपूत ने आजमगढ़ की घटना को लेकर सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, "दो पुजारियों की हत्या की यह भयानक घटना उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था की स्थिति को दिखाती है। यह दिखाता है कि अपराधी कितने बेखौफ हो गए हैं और एनकाउंटर भी उन्हें कैसे नहीं रोक पा रहे हैं।"


उन्होंने पुलिस की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए। सुरेंद्र राजपूत ने कहा, "पुलिस को अपराधियों को गिरफ्तार करना चाहिए और यह सुनिश्चित करना चाहिए कि उन्हें संविधान के अनुसार सजा मिले, चाहे वह कठोर कारावास हो या मौत की सजा। लेकिन पुलिस भी अपराधियों के साथ अपराधियों जैसा ही बर्ताव कर रही है।"


समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता आशुतोष वर्मा ने भी प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा, "आप लगातार देख सकते हैं कि उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ रही है। आजमगढ़, गाजीपुर या गाजियाबाद को ही देख लीजिए। महिलाओं को परेशान किया जा रहा है, हत्याएं हो रही हैं और आजमगढ़ मर्डर केस जैसी घटनाएं भी हो रही हैं। फिर भी भारतीय जनता पार्टी की सरकार अपनी पीठ थपथपा रही है और दावा कर रही है कि उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था नियंत्रण में है।"


वहीं, बलरामपुर से बीजेपी विधायक पलटू राम ने कहा, "इस घटना को कानून-व्यवस्था से नहीं जोड़ सकते। अपने ही परिवार के सदस्यों और पुजारी की इस तरह हत्या कोई मानसिक रूप से परेशान व्यक्ति ही कर सकता है। कोई भी व्यक्ति जो मानसिक और शारीरिक रूप से स्वस्थ है, ऐसा काम नहीं कर सकता।"


कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर योगी सरकार का बचाव करते हुए उन्होंने कहा, "जहां तक कानून-व्यवस्था का सवाल है, आप देख सकते हैं कि पिछले 10 सालों में सीएम योगी ने उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था को मजबूत करने के लिए कैसे काम किया है। आज अगर आप उत्तर प्रदेश से बाहर मध्य प्रदेश या हरियाणा जाएं, तो वहां सीएम योगी के कानून-व्यवस्था मॉडल की चर्चा होती है।"