सतना, अंबिका केशरी। पदोन्नति और वेतनमान सहित विभिन्न मांगों को लेकर सतना जिले के पटवारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल चौथे दिन भी जारी रही। जिला मुख्यालय पर बड़ी संख्या में एकत्र हुए पटवारियों ने शासन की नीतियों के विरोध में नारेबाजी कर प्रदर्शन किया। पटवारी संघ ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सरकार पर संवर्ग के साथ भेदभाव और सौतेला व्यवहार करने का आरोप लगाया।
पटवारी संघ के प्रतिनिधियों का कहना है कि प्रदेश में पटवारी जिस पद पर भर्ती होता है, कई मामलों में करीब तीन दशक की सेवा के बाद भी उसी पद से सेवानिवृत्त हो जाता है। संघ ने आरोप लगाया कि अन्य विभागों में कर्मचारियों को समय-समय पर क्रमोन्नति और पदोन्नति के अवसर मिलते हैं, लेकिन पटवारी संवर्ग लंबे समय से पदोन्नति के अवसरों से वंचित है।
पटवारियों ने वेतनमान को लेकर भी नाराजगी जताई। संघ के मुताबिक राजस्थान, महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ जैसे पड़ोसी राज्यों की तुलना में मध्य प्रदेश के पटवारियों का वेतनमान कम है। पटवारी लंबे समय से ग्रेड पे 2800 रुपये किए जाने की मांग कर रहे हैं, लेकिन अब तक इस पर ठोस निर्णय नहीं लिया गया है।
संघ का कहना है कि डिजिटल इंडिया और ऑनलाइन गिरदावरी सहित अन्य ऑनलाइन व्यवस्थाओं के कारण पटवारियों पर काम का दबाव लगातार बढ़ा है। इसके बावजूद उन्हें काम के अनुरूप पर्याप्त सुविधाएं और उचित आर्थिक लाभ नहीं मिल रहे हैं।
इधर, पटवारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल का असर जिले के राजस्व कार्यों पर भी दिखाई देने लगा है। आय, जाति और मूल निवासी प्रमाण पत्र से जुड़े आवेदन प्रभावित हो रहे हैं। वहीं नामांतरण, बंटवारा और सीमांकन जैसे महत्वपूर्ण राजस्व कार्य भी अटक गए हैं।
पटवारी संघ ने चेतावनी दी है कि पदोन्नति और वेतन सुधार सहित उनकी मांगों पर सरकार की ओर से लिखित और ठोस निर्णय नहीं लिए जाने तक आंदोलन जारी रहेगा। संघ ने आने वाले दिनों में आंदोलन को और तेज करने की बात भी कही है।




