छतरपुर, संतोष शिवहरे। शिक्षा व्यवस्था में सुधार, पेपर लीक पर प्रभावी रोक और समयबद्ध परीक्षाओं की मांग को लेकर सोमवार को छतरपुर में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान युवाओं ने अपनी मांगों को लोकतांत्रिक और अनुशासित तरीके से प्रशासन के समक्ष रखा।


छात्रों का कहना था कि प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार सामने आ रही अनियमितताओं और पेपर लीक की घटनाओं से लाखों युवाओं का भविष्य प्रभावित हो रहा है। उन्होंने सरकार से पारदर्शी परीक्षा प्रणाली लागू करने, दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने तथा सभी भर्ती और प्रवेश परीक्षाओं को तय समय-सीमा में संपन्न कराने की मांग की।


प्रदर्शन के दौरान छात्र शांतिपूर्वक बैठे रहे और हाथों में तख्तियां लेकर अपनी मांगों के समर्थन में नारे लगाए। इसके बाद प्रतिनिधिमंडल ने प्रशासन को ज्ञापन सौंपते हुए मांगों पर शीघ्र कार्रवाई की अपील की। प्रदर्शन में शामिल युवाओं ने कहा कि उनका उद्देश्य किसी प्रकार का टकराव नहीं, बल्कि शिक्षा व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और विश्वसनीय बनाना है।


छात्रों की इस एकजुटता ने यह संदेश दिया कि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखना ही बदलाव का सबसे प्रभावी माध्यम है। पूरे प्रदर्शन के दौरान अनुशासन और संयम देखने को मिला, जिससे यह आंदोलन युवाओं की जागरूकता और जिम्मेदारी का उदाहरण बनकर सामने आया। छात्रों ने उम्मीद जताई कि उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार कर शिक्षा व्यवस्था को अधिक मजबूत और निष्पक्ष बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएंगे। इस मौके पर अंजली, प्रीति यादव, रजनी अहिरवार, अदिति, माही चौरसिया, संजू अहिरवार, महेन्द्र शुक्ला सहित अनेक छात्र-छात्राएं मौजूद रहीं। वहीं एडीएम विनय द्विवेदी ने कहा कि छात्र-छात्राओं ने शिक्षा प्रणाली में सुधार के लिए आवेदन सौंपे हैं। आवेदनों पर विधिसम्मत कार्रवाही करते हुए आगे प्रेषित किया जाएगा।