नई द‍िलली, 3 अक्टूबर । वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने मिल्वौकी में जी20 व्यापार मंत्रियों की बैठक के बाद शिकागो का दौरा किया। यहां उन्होंने महात्मा गांधी और स्वामी विवेकानंद को श्रद्धांजलि अर्पित की तथा भारतीय समुदाय और कारोबार‍ियों से संवाद किया।मंत्री पीयूष गोयल ने आर्चर डेनियल्स मिडलैंड (एडीएम) के बोर्ड चेयरमैन जुआन रिकार्डो लुसियानो और टारगेट के एग्जीक्यूटिव वाइस प्रेसिडेंट और चीफ लीगल एंड कंप्लायंस ऑफिसर ग्रांट मैक्गी से मुलाकात की। इस दौरान भारत में निवेश, फूड प्रोसेसिंग और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में साझेदारी बढ़ाने और मेक इन इंडिया के तहत सोर्सिंग बढ़ाने पर चर्चा हुई।

वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने सोशल मीड‍िया प्‍लेटफॉर्म 'एक्‍स' पोस्‍ट में ल‍िखा, ''शिकागो में आर्चर डेनियल्स मिडलैंड (एडीएम) के बोर्ड चेयरमैन और सीईओ जुआन रिकार्डो लुसियानो से मुलाकात हुई। इस दौरान भारत में एडीएम की मौजूदगी बढ़ाने और निवेश के नए मौकों पर चर्चा हुई।''

उन्‍होंने पोस्‍ट में आगे ल‍िखा, "भारत का फूड प्रोसेसिंग सेक्टर तेजी से बढ़ रहा है, कृषि से जुड़ी सप्लाई और वैल्यू चेन को आधुनिक बनाया जा रहा है, और देश में उपभोक्ताओं का बहुत बड़ा बाजार है। इन सभी वजहों से भारत में लंबे समय की साझेदारी और टिकाऊ विकास के लिए काफी संभावनाएं हैं।"

एक अन्‍य 'एक्‍स' पोस्‍ट में उन्‍होंने ल‍िखा, ''टारगेट के एग्जीक्यूटिव वाइस प्रेसिडेंट और चीफ लीगल एंड कंप्लायंस ऑफिसर ग्रांट मैक्गी से मुलाकात हुई। इस दौरान मेक इन इंडिया पहल के तहत भारत में तेजी से बढ़ रहे मैन्युफैक्चरिंग के मौकों का टारगेट किस तरह और ज्यादा फायदा उठा सकता है, इस पर चर्चा हुई। साथ ही भारत में टारगेट की मौजूदगी को और मजबूत करने और भारत से सामान की खरीद बढ़ाने के मौकों पर भी बातचीत हुई।''

एक अन्‍य पोस्‍ट में गोयल ने ल‍िखा, "एओएन के सीईओ ग्रेग केस से मुलाकात की और भारत में कंपनी के कामकाज और आगे विस्तार के मौकों पर चर्चा की।"

उन्होंने 'कॉग्निशन' के चीफ लीगल और ग्लोबल अफेयर्स ऑफिसर पॉल ग्रेवाल से भी मुलाकात की और कॉग्निशन के बेहतरीन एआई सॉल्यूशंस का इस्तेमाल करने और भारत में इसकी मौजूदगी को और मजबूत करने पर विचार-विमर्श किया।

मंत्री पीयूष गोयल ने बताया क‍ि शिकागो, मिशिगन और ओहियो चैप्टर्स के इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (आईसीएआई) के लीडर्स और सदस्यों के साथ बातचीत के दौरान, मिनिस्टर ने भारत-अमेरिका आर्थिक साझेदारी में बढ़ते मौकों पर चर्चा की और इस बात पर जोर दिया कि कैसे भारत की आर्थिक रफ्तार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के एक आत्मविश्वास से भरे, आत्मनिर्भर और ग्लोबल स्तर पर कॉम्पिटिटिव भारत के विजन को दिखाती है। जिसमें रिकॉर्ड एफडीआई आना और मजबूत जीडीपी ग्रोथ शामिल है।