चेन्नई। पट्टाली मक्कल काची (पीएमके) के अध्यक्ष डॉ. अंबुमणि रामदास ने तमिलनाडु सरकार से वेट्री पयानम फ्री बस ट्रैवल स्कीम के लिए हर महीने एडवांस में फंड जारी करने की अपील की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन जरूरी ऑपरेटिंग खर्चों को पूरा करने के लिए संघर्ष कर रहे हैं।एक बयान में उन्होंने आरोप लगाया कि बढ़ाई गई स्कीम के लिए देरी से मिलने वाले मुआवजे से कॉर्पोरेशनों को लगभग 25 करोड़ रुपये का घाटा हो रहा है, जिससे डीजल, टायर और स्पेयर पार्ट्स की खरीद पर असर पड़ रहा है। अंबुमणि ने कहा कि सरकारी सब्सिडी को छोड़कर, रोजाना की ऑपरेटिंग रसीदें औसतन 21 करोड़ रुपये से घटकर 7 करोड़ रुपये से 8 करोड़ रुपये के बीच रह गई हैं।

ट्रेड यूनियनों का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि दूसरी स्कीमों के लिए सब्सिडी सहित रोजाना की कुल इनकम 47 करोड़ रुपये से घटकर 22 करोड़ रुपये हो गई है। बढ़ाई गई वेट्री पयानम स्कीम 2 अक्टूबर को शुरू की गई थी, जिसमें डीएमके सरकार के विदियाल पयानम प्रोग्राम के तहत पहले दी जाने वाली फ्री ट्रैवल सुविधा को बढ़ाया गया था।

अंबुमणि के बताए गए आंकड़ों के मुताबिक, पहले के प्रोग्राम में 7,714 सिटी बसें शामिल थीं, जबकि इस बढ़ी हुई स्कीम से अब लगभग 84.32 लाख महिलाएं रोजाना 12,695 बसों में सफर कर सकती हैं। उन्होंने कहा कि कॉर्पोरेशन पूरे राज्य में 19,283 बसें चलाते हैं। उन्होंने कहा कि पिछली स्कीम के लिए पिछले साल लगभग 3,599 करोड़ रुपये का मुआवजा मिलने का अनुमान था और इस साल यह बढ़कर 3,999 करोड़ रुपये हो गया है।

उन्होंने आगे कहा कि इस बढ़ोतरी से रोजाना होने वाला अनुमानित रेवेन्यू नुकसान लगभग 10 करोड़ रुपये से बढ़कर 25 करोड़ रुपये हो गया है। तुरंत फंडिंग की कमी पर रोशनी डालते हुए अंबुमणि ने कहा कि कॉर्पोरेशन रोजाना डीजल पर 16.17 करोड़ रुपये और मेंटेनेंस पर 2.35 करोड़ रुपये खर्च करते हैं, कुल मिलाकर 18.52 करोड़ रुपये।

उन्होंने तर्क दिया कि रोजाना लगभग 8 करोड़ रुपये का किराया कलेक्शन इन खर्चों को पूरा करने के लिए काफी नहीं था। उन्होंने आगे दावा किया कि बढ़ी हुई स्कीम शुरू होने के बाद से कॉर्पोरेशनों पर तेल कंपनियों का 150 करोड़ रुपये का बकाया हो गया है।

उन्होंने कहा कि पिछले 25 दिनों में क्रेडिट पर डीजल खरीदने से उन्हें लगभग 3 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। उन्होंने कैश पेमेंट पर दो प्रतिशत की छूट का भी जिक्र किया। उन्होंने आरोप लगाया कि फंड की कमी के कारण ऑपरेटरों को रीट्रेडेड टायर और पहले इस्तेमाल किए गए स्पेयर पार्ट्स इस्तेमाल करने पड़ रहे हैं।

अंबुमणि ने दोहराया कि फ्री ट्रैवल स्कीम को बनाए रखने और बिना रुकावट बस सर्विस सुनिश्चित करने के लिए हर महीने एडवांस फंडिंग जरूरी है। उन्होंने कैश की कमी को दूर करने के लिए तुरंत सरकारी दखल देने की अपील की।