मिल्वौकी। पोलैंड के प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क अक्टूबर के आखिर में भारत का दौरा करेंगे। उनके साथ पोलैंड की 100 प्रमुख कंपनियों के प्रतिनिधि भी भारत आएंगे। पोलैंड के वित्त और अर्थव्यवस्था मंत्री आंद्रेज डोमान्स्की ने आईएएनएस से बात करते हुए बताया कि पोलैंड भारत के साथ अपने आर्थिक और कारोबारी रिश्तों को तेजी से बढ़ाना चाहता है।
अमेरिका के विस्कॉन्सिन के मिल्वौकी में बुधवार को जी20 व्यापार मंत्रियों की बैठक से अलग एक खास इंटरव्यू में डोमान्स्की ने बताया कि टस्क अपने भारत दौरे के दौरान नई दिल्ली और बेंगलुरु जाएंगे। इस यात्रा में आर्थिक सहयोग सबसे अहम मुद्दों में से एक होगा।
भारत के वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल के साथ अपनी बैठक का जिक्र करते हुए डोमान्स्की ने कहा, "यह बैठक आमने-सामने हुई और वहां मीडिया मौजूद नहीं था। मैं इतना बता सकता हूं कि कई दूसरे मुद्दों के साथ हमने प्रधानमंत्री टस्क के भारत दौरे पर भी चर्चा की, जो अक्टूबर के आखिर में होगा।"
उन्होंने कहा, "प्रधानमंत्री सिर्फ दिल्ली ही नहीं बल्कि बेंगलुरु जाने की भी योजना बना रहे हैं। इस यात्रा में आर्थिक मुद्दों और सहयोग पर खास जोर रहेगा।"
डोमान्स्की ने कहा कि भारत और पोलैंड के रिश्ते बेहतर हो रहे हैं लेकिन अभी भी दोनों देशों के बीच सहयोग अपनी पूरी क्षमता तक नहीं पहुंचा है।
उन्होंने कहा, "हमें खुशी है कि भारत और यूरोपीय संघ के स्तर पर सहमति बनाने में कामयाबी मिली है। इसके बाद सहयोग और व्यापार को बढ़ाना हर सदस्य देश की अपनी जिम्मेदारी है।"
डोमान्स्की ने कहा कि मैं बता सकता हूं कि इस भारत यात्रा में हिस्सा लेने के लिए हम पोलैंड की करीब 100 प्रमुख कंपनियों को साथ लाएंगे। उन्होंने पोलैंड को यूरोप की तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था बताया। उनके मुताबिक, इस साल पोलैंड की आर्थिक वृद्धि 3.5 से 3.6 प्रतिशत रहने का अनुमान है। उन्होंने कहा कि पोलैंड नए व्यापारिक साझेदार तलाश रहा है और भारत उसकी प्राथमिकता वाले देशों में शामिल है।
डोमान्स्की ने कहा, "भारत एक विशाल देश और एशिया का प्रमुख देश है। हम भारत के साथ ज्यादा करीबी व्यापारिक रिश्ते बनाना चाहते हैं।"
पोलैंड को भारत के साथ रक्षा, अंतरिक्ष, मशीनरी और फूड प्रोसेसिंग जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की काफी संभावनाएं नजर आ रही हैं।
डोमान्स्की ने कहा, "एक ऐसे देश के रूप में जो तेजी से अपना रक्षा उद्योग विकसित कर रहा है, हमारा मानना है कि रक्षा उद्योग में सहयोग की काफी गुंजाइश है।"
उन्होंने कहा कि पोलैंड ने स्पेस सेक्टर में अपना निवेश दोगुना करने का फैसला भी किया है। डोमान्स्की ने कहा कि हम निश्चित रूप से अपने स्पेस सेक्टर की कंपनियों को भारत लेकर आएंगे। उन्होंने कहा कि पोलैंड मशीनरी के क्षेत्र में भी मजबूत है और फूड प्रोसेसिंग में भी सहयोग के मौके देखता है। इसमें पोल्ट्री उत्पादों का निर्यात भी शामिल है।
डोमान्स्की ने कहा कि पोलैंड में निवेश की संभावनाएं तलाश रही भारतीय कंपनियों के लिए क्लीन एनर्जी, इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी और इंडस्ट्रियल सेक्टर में अच्छे मौके मौजूद हैं। उन्होंने पोलैंड को भारतीय कंपनियों के लिए यूरोप के बड़े बाजार में पहुंचने का एक रास्ता भी बताया।
उन्होंने कहा, "हमारा मानना है कि यूरोप में भारतीय निवेश के लिए पोलैंड एक बहुत अच्छा हब बन सकता है। हम यूरोपीय संघ के सदस्य हैं, इसलिए पोलैंड में निवेश करने पर भारतीय कंपनियों को यूरोपीय संघ के बाजार तक पहुंच मिलती है।"
डोमान्स्की ने कहा कि भारत की लोकतांत्रिक व्यवस्था भी पोलैंड के लिए लंबे समय के आर्थिक संबंध बनाने में महत्वपूर्ण है।
उन्होंने कहा कि हम भारत को एक वैश्विक नेता के रूप में देखते हैं। हमारी नजर में भारत महत्वाकांक्षी लोगों का देश है, बिल्कुल पोलैंड के लोगों की तरह। उन्होंने कहा कि हम भारत को एक लोकतांत्रिक देश के रूप में देखते हैं, जो हमारे लिए बहुत महत्वपूर्ण है। हम भारत के साथ स्थिर आर्थिक रिश्ते बनाना चाहते हैं।
जी20 की बैठक में डोमान्स्की ने कृषि उत्पादों के व्यापार को दबाव बनाने के साधन के तौर पर इस्तेमाल किए जाने का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने यूक्रेन में रूस के युद्ध और काला सागर के रास्ते व्यापार पर लगी पाबंदियों से पैदा हुई रुकावटों का जिक्र किया।
डोमान्स्की ने वैश्विक व्यापार में भारत की भूमिका पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा, "भारत एक लीडर है। भारत न सिर्फ दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में से एक है, बल्कि उसकी जीडीपी की विकास दर भी काफी ऊंची है।"
उन्होंने कहा, "मुझे पूरी उम्मीद है कि पोलैंड, यूरोपीय संघ और भारत आने वाले समय में आज के मुकाबले कहीं ज्यादा करीबी व्यापारिक सहयोगी और साझेदार बनेंगे।"
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगस्त 2024 में वॉरसॉ यात्रा के दौरान भारत और पोलैंड ने अपने रिश्तों को रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक बढ़ाया था। दोनों देशों ने पांच साल का एक एक्शन प्लान भी अपनाया था। इसमें व्यापार और निवेश, रक्षा, ऊर्जा, ग्रीन टेक्नोलॉजी, कृषि और बुनियादी ढांचे समेत कई क्षेत्रों में सहयोग शामिल था।
पीएम मोदी की यह यात्रा खास थी क्योंकि 45 साल में किसी भारतीय प्रधानमंत्री का यह पहला पोलैंड दौरा था। डोनाल्ड टस्क इससे पहले 2010 में पोलैंड के प्रधानमंत्री के तौर पर भारत आए थे। पीएम मोदी ने अपनी 2024 की पोलैंड यात्रा के दौरान टस्क को भारत आने का न्योता दिया था।











