पन्ना, अमित सिंह। मध्य प्रदेश के पन्ना जिले के देवेंद्रनगर में करीब एक माह पूर्व हुए जमीन विवाद और लोहे की रॉड से मारपीट के मामले में फरार चल रहे आरोपी अमित जैन को पुलिस ने आखिरकार गिरफ्तार कर लिया है। पन्ना पुलिस द्वारा सतना से लेकर रायसेन तक चलाए गए विशेष ऑपरेशन के तहत शनिवार रात करीब 10:00 बजे रायसेन के एक टोल नाके पर घेराबंदी कर अमित जैन को हिरासत में लिया गया। गौरतलब है कि देवेंद्रनगर में दो लोगों के साथ हुई हिंसक मारपीट के बाद से ही अमित जैन लंबे समय से पुलिस की गिरफ्त से बाहर चल रहे थे और पुलिस उनकी तलाश में लगातार दबिश दे रही थी।

गिरफ्तारी से पहले शनिवार तड़के देवेंद्रनगर पुलिस की एक टीम अमित जैन के सतना स्थित आवास पर पहुंची थी, जहां हाई-वोल्टेज ड्रामा देखने को मिला। अमित जैन की पत्नी और भाजपा नेत्री अमिता बागरी ने पुलिस टीम पर गंभीर आरोप लगाते हुए पूरी घटना का सोशल मीडिया पर लाइव प्रसारण कर दिया। अमिता बागरी का आरोप था कि पुलिसकर्मी बिना वर्दी और बिना किसी महिला पुलिसकर्मी के सुबह-सुबह उनके घर में दाखिल हुए थे। इस दौरान पुलिस और नेत्री के बीच करीब दस मिनट तक तीखी नोकझोंक हुई। अमिता बागरी ने देवेंद्रनगर क्षेत्र में अवैध शराब, जुआ और देह व्यापार के मामलों का हवाला देते हुए पुलिस व्यवस्था पर पक्षपातपूर्ण रवैये का आरोप लगाया।


गुनौर विधायक पर साधा निशाना, 15 साल की पार्टी निष्ठा पर छलका दर्द

पति की गिरफ्तारी के बाद अमिता बागरी ने एक बार फिर सोशल मीडिया पर लाइव आकर क्षेत्र के राजनीतिक हलकों में खलबली मचा दी। उन्होंने गुनौर विधायक डॉ. राजेश वर्मा पर राजनीतिक द्वेष भावना के तहत यह पूरी कार्रवाई कराने का सीधा आरोप लगाया। भावुक होते हुए अमिता बागरी ने कहा कि उन्होंने 15 वर्षों तक भाजपा संगठन के लिए निष्ठापूर्वक कार्य किया, लेकिन आज विपत्ति के समय में पार्टी के प्रमुख नेताओं ने उनके फोन तक उठाना बंद कर दिया है। उन्होंने बताया कि इस संदर्भ में उन्होंने खजुराहो सांसद वीडी शर्मा और पन्ना विधायक से भी संपर्क साधने का प्रयास किया। नेत्री ने यह भी आरोप लगाया कि पहले केवल साधारण मारपीट का मामला था, जिसमें बाद में राजनीतिक दबाव बनाकर हत्या के प्रयास (धारा 307) की धारा जोड़ी गई।


पन्ना में निकाला गया पैदल मार्च, अदालत से मिली जमानत

रविवार को गिरफ्तारी के बाद पुलिस टीम अमित जैन को पन्ना लेकर पहुंची। यहां पुलिस द्वारा अमित जैन का पैदल मार्च कराया गया, जिसके बाद जिला चिकित्सालय में उनका मेडिकल परीक्षण कराया गया। मेडिकल प्रक्रिया पूरी होने के उपरांत पुलिस ने उन्हें जिला न्यायालय में पेश किया। न्यायालय में दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं की दलीलें सुनने के उपरांत अदालत ने अमित जैन को विधिवत जमानत प्रदान कर दी।


रिहाई के बाद जुगल किशोर मंदिर पहुंचा परिवार, राजनीतिक हलकों में हलचल तेज

अदालत से जमानत मंजूर होने के तुरंत बाद अमित जैन अपनी पत्नी अमिता बागरी और बच्चों के साथ पन्ना के प्रसिद्ध आराध्य जुगल किशोर मंदिर पहुंचे। पूरे परिवार ने भगवान जुगल किशोर के दर्शन कर पूजा-अर्चना की और उनका आशीर्वाद लिया। इस पूरे घटनाक्रम ने जिले की राजनीति में भारी हलचल पैदा कर दी है। जहां एक ओर मारपीट के मामले में पुलिसिया कार्रवाई को लेकर सवाल उठे, वहीं दूसरी ओर भाजपा नेत्री द्वारा अपनी ही पार्टी के विधायक के खिलाफ मोर्चा खोलने से मामला पूरी तरह गरमा गया है। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि इन गंभीर आरोपों पर संबंधित विधायक और संगठन नेतृत्व की ओर से क्या रुख सामने आता है।