मुंबई। बॉलीवुड में कई अभिनेत्रियां ऐसी रही हैं, जिन्होंने अपने करियर की शुरुआत मॉडलिंग और फिल्मों से की, लेकिन कुछ समय बाद उनकी जिंदगी ने ऐसा मोड़ लिया कि वह फिल्मी पर्दे से दूर हो गईं। पूजा बत्रा की कहानी भी कुछ ऐसी ही है। मिस इंडिया का खिताब जीतने के बाद उन्होंने फिल्मों में अपनी पहचान बनाई और फिर निजी जिंदगी के फैसलों के चलते कुछ समय के लिए हिंदी सिनेमा से दूरी बना ली। इसके बाद उन्होंने विदेश में अपनी जिंदगी और करियर को नए सिरे से आगे बढ़ाया। उन्होंने हॉलीवुड में काम किया और एक फिल्म में अंतरिक्ष यात्री का किरदार निभाया। इस रोल की तैयारी के लिए उन्होंने भारतीय मूल की अंतरिक्ष यात्री कल्पना चावला और सुनीता विलियम्स के जीवन के बारे में भी पढ़ा। अब पूजा अभिनय के साथ फिल्म निर्माण की दुनिया में भी सक्रिय हैं।

पूजा बत्रा का जन्म 27 अक्टूबर 1975 को हुआ था। उनके पिता रवि बत्रा भारतीय सेना में कर्नल थे, जबकि उनकी मां नीलम बत्रा ने भी 1971 में मिस इंडिया प्रतियोगिता में हिस्सा लिया था। सेना में पिता की नौकरी के कारण पूजा को बचपन में अलग-अलग जगहों पर रहना पड़ा। उन्होंने करीब 12 साल में 10 स्कूल बदले। बचपन से ही उन्हें खेलों में दिलचस्पी थी और वह दौड़ की प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेती थीं।

पूजा ने कम उम्र में ही मॉडलिंग शुरू कर दी थी। एक साबुन के विज्ञापन से उन्हें काफी पहचान मिली। साल 1993 में उन्होंने मिस इंडिया इंटरनेशनल का खिताब जीता। इस उपलब्धि के बाद उनके लिए मनोरंजन की दुनिया में नए रास्ते खुले। हालांकि, उन्होंने अपनी पढ़ाई भी पूरी की और इसके बाद फिल्मों में कदम रखा। साल 1997 में रिलीज हुई फिल्म 'विरासत' से उन्होंने हिंदी सिनेमा में पहचान बनाई। इस फिल्म में वह अनिल कपूर और तब्बू के साथ नजर आईं। इसके बाद उन्होंने 'भाई', 'हसीना मान जाएगी', 'दिल ने फिर याद किया', 'कहीं प्यार न हो जाए' और 'नायक: द रियल हीरो' जैसी फिल्मों में काम किया।

पूजा की जिंदगी में एक ऐसा भी समय आया, जब उन्होंने फिल्मों से दूरी बना ली। उन्होंने अमेरिका में रहने वाले ऑर्थोपेडिक सर्जन सोनू एस. अहलूवालिया से शादी की और लॉस एंजिलिस में रहने लगीं। बाद में दोनों का तलाक हो गया। इस बदलाव के बाद पूजा ने अपने जीवन और करियर को फिर से आगे बढ़ाने पर ध्यान दिया। उन्होंने भारतीय फिल्मों के साथ अंतरराष्ट्रीय प्रोजेक्ट्स में भी मौके तलाशे।

पूजा के करियर का एक खास पड़ाव 2016 में आई साइंस-फिक्शन फिल्म 'वन अंडर द सन' रही। इस फिल्म में उन्होंने कैथरीन वॉस नाम की अंतरिक्ष यात्री का किरदार निभाया था। कहानी एक ऐसे अंतरिक्ष मिशन की अकेली बची यात्री के बारे में थी, जो धरती पर लौटने के बाद अपनी बीमार बेटी से मिलना चाहती है। फिल्म के लिए तैयारी करते समय पूजा ने कल्पना चावला और सुनीता विलियम्स के जीवन के बारे में पढ़ा। उन्होंने बताया कि इन अंतरिक्ष यात्रियों से उन्हें किरदार की शारीरिक बनावट और व्यक्तित्व को समझने में मदद मिली। फिल्म की शूटिंग सिर्फ 11 दिनों में पूरी हुई थी। इसे कान फिल्म फेस्टिवल में भी पेश किया गया था।

पूजा ने सिर्फ अभिनय तक खुद को सीमित नहीं रखा। वह फिल्म निर्माण के क्षेत्र में भी आगे बढ़ीं और लॉस एंजिलिस स्थित अपनी प्रोडक्शन कंपनी ग्लोबेल इंक के जरिए प्रोजेक्ट्स से जुड़ीं। साल 2026 में उनकी कंपनी के निर्माण में बनी शॉर्ट फिल्म 'इकोज ऑफ अस' कान फिल्म फेस्टिवल के दौरान दिखाई गई। इस फिल्म में दीपक तिजोरी और स्पेनिश अभिनेत्री एलेसांद्रा व्हेलन मेरिडिज नजर आए।