नई दिल्ली। फैशन डिजाइन काउंसिल ऑफ इंडिया (एफडीसीआई) के चेयरमैन सुनील सेठी के मुताबिक हाल के वर्षों में भारतीय फैशन को जो मुकाम मिला है और दुनिया में एक नई पहचान मिली है उसका बहुत हद तक श्रेय देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जाता है। एफडीसीआई की ओर से हैबिटेट सेंटर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान आईएएनएस से बातचीत करते हुए उन्होंने अपनी भावनाएं व्यक्त कीं। सेठी ने भारतीय फैशन के बढ़ते कद के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को शुक्रिया अदा किया। उन्होंने कहा , "जिस तरह से प्रधानमंत्री मोदी ने इसे आगे बढ़ाया है वो मिसाल है। वो जो तोहफे किसी भी गणमान्य व्यक्ति को भेंट करते हैं वो भारतीय क्राफ्ट और टेक्सटाइल पर आधारित होते हैं। ऐसी जिसकी तारीफ पूरी दुनिया करती है इसलिए मुझे बहुत खुशी होती है जब वो ऐसा करते हैं।"

अपने परिधान की ओर ध्यान दिलाते हुए कहा, "बात सिर्फ उनके काम की नहीं है, बल्कि उस चीज की भी है जो इतनी सुंदर है कि दुनिया भर में लोग भारतीय कला की तारीफ कर रहे हैं। मैं आपको बताना चाहता हूं कि आज मैंने जो 'ओडिशा इक्कत' पहना है, उसे एक भारतीय फैशन डिजाइनर ने सिला है। मैंने जो टाई पहनी है, उसे भी एक भारतीय फैशन डिजाइनर ने बनाया है। मेरी शर्ट भी एक भारतीय फैशन डिजाइनर ने बनाई है जो आज यहां मौजूद हैं। हम जो पहन रहे हैं, उस पर हमें गर्व है क्योंकि हम भारतीय हैं।"

न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन की ओर से मिले खत का भी जिक्र सेठी ने जिक्र किया। वो बोले, "तीन दिन पहले, न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री ने मुझे एक पत्र लिखा था क्योंकि हमने वहां दो शो किए थे जिनमें खादी ने उस देश के लिए जो काम किया है, उसकी तारीफ की गई थी।"

उन्होंने खादी की सीमाओं से परे विदेशी धरती पर जमते पैर को भी बयां किया। आगे बोले," असल बात यह है कि हमने खादी को ग्लोबल बनाने की कोशिश की है। ग्लोबल का मतलब है कि हम इसे भूटान ले गए, जहां राजा और रानी ने इसकी तारीफ की। हम इसे मास्को फैशन वीक में भी ले गए। फ्रांस के लोगों ने हमारी खादी का इस्तेमाल किया और हमारे साथ एक शो किया। और हाल ही में, तीन दिन पहले, चार डिजाइनरों ने न्यूजीलैंड के ऑकलैंड में एक शानदार शो किया, जिसे बहुत पसंद किया गया और हॉल खचाखच भरा हुआ था।"

सेठी के अनुसार, अब लोग भारत को सिर्फ एक आम देश नहीं समझते, बल्कि इसकी खूबसूरती हमारे कपड़े और हमारी कला में भी झलक रही है।

प्रोफेसर रामरूप के हुनर को सलाम करते हुए एफडीसीआई चेयरमैन ने कहा, "हम यहां (हैबिटेट सेंटर) सम्मान करने के लिए आए हैं। वे सचमुच 'सैविले रो' में 'बिस्पोक टेलरिंग' के भगवान माने जाते हैं। मैं उन्हें भगवान इसलिए कहता हूं क्योंकि वे ऐसे व्यक्ति हैं जो भारतीय मूल के हैं। भारत, त्रिनिदाद, टोबैगो, इंग्लैंड और उनकी सभी उपलब्धियों को देखना अच्छा लगता है।"

बता दें कि, राष्ट्रीय राजधानी में रविवार को दुनिया की जानीमानी शख्सियत को समर्पित कार्यक्रम का आयोजन किया गया। ये टेलरिंग के उस्ताद प्रो. एंड्रयू एम. रामरूप हैं। इन्हीं के जीवन की चुनौतियों पर लिखी किताब 'बिस्पोकन' का विमोचन इंडिया हैबिटेट सेंटर में किया गया। इसका आयोजन फैशन डिजाइन काउंसिल ऑफ इंडिया (एफडीसीआई) के चेयरमैन सुनील सेठी की अगुवाई में किया गया। जिसमें राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश नारायण सिंह भी शामिल हुए।