छतरपुर/घुवारा/बड़ामलहरा, रूपेन्द्र पाल। जनपद पंचायत बड़ामलहरा के सेक्टर क्रमांक-01 रामटौरिया में उपयंत्री आलोक खरे की पदस्थापना को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। आरोप है कि पूर्व में कार्रवाई के बाद निलंबित किए गए उपयंत्री को विधिवत बहाली आदेश के बिना ही दोबारा बड़ामलहरा जनपद क्षेत्र में जिम्मेदारी सौंप दी गई है। इसे लेकर स्थानीय सरपंचों ने विरोध जताते हुए पदस्थापना पर सवाल खड़े किए हैं।
जानकारी के अनुसार उपयंत्री आलोक खरे पूर्व में बड़ामलहरा जनपद पंचायत में पदस्थ रहे हैं। कथित लेन-देन से जुड़ा ऑडियो वायरल होने और वित्तीय अनियमितताओं की शिकायतों के बाद उनके विरुद्ध कार्रवाई की गई थी। बताया जा रहा है कि निलंबन के बाद उन्हें जनपद पंचायत गौरिहार से संबद्ध किया गया था। अब उनकी पुनः बड़ामलहरा जनपद पंचायत के रामटौरिया सेक्टर में पदस्थापना किए जाने से मामला चर्चा में आ गया है।
आरोप लगाया जा रहा है कि उपयंत्री की विधिवत बहाली से संबंधित आदेश सामने आए बिना ही जिला पंचायत स्तर से उन्हें रामटौरिया सेक्टर की जिम्मेदारी दे दी गई। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि यदि उपयंत्री निलंबित थे तो उनकी बहाली कब और किस आदेश के तहत हुई तथा पुनः पदस्थापना से पहले निर्धारित प्रशासनिक प्रक्रिया का पालन किया गया या नहीं।
रामटौरिया सेक्टर के कई सरपंचों ने पदस्थापना का विरोध करते हुए उपयंत्री को हटाने की मांग की है। उनका कहना है कि विकास कार्यों में निष्पक्षता, पारदर्शिता और गुणवत्ता बनाए रखने के लिए पूरे मामले की जांच जरूरी है। सरपंचों ने उपयंत्री की पदस्थापना के संबंध में कलेक्टर से शिकायत करने की बात भी कही है।
सरपंचों की मांग है कि यदि आलोक खरे की बहाली नियमानुसार की गई है तो संबंधित बहाली एवं पदस्थापना आदेश सार्वजनिक किए जाएं, जिससे स्थिति स्पष्ट हो सके। वहीं यदि बिना विधिवत बहाली के ही पदस्थापना की गई है तो इसकी निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदारी तय की जाए।
इस मामले के सामने आने के बाद जिला पंचायत की प्रशासनिक प्रक्रिया पर भी सवाल उठ रहे हैं। हालांकि पदस्थापना किन नियमों और आदेशों के तहत की गई, इस संबंध में संबंधित अधिकारियों का आधिकारिक पक्ष सामने आने के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।
फिलहाल क्षेत्र में इस पदस्थापना को लेकर चर्चाओं का दौर तेज है और सभी की निगाहें जिला प्रशासन व कलेक्टर के अगले कदम पर टिकी हैं। सरपंचों ने मामले की जांच के साथ रामटौरिया सेक्टर से उपयंत्री को हटाने की मांग की है।




