भोपाल। मध्य प्रदेश के लगभग 165 शहरों और कस्बों में बीते 24 घंटों के दौरान व्यापक बारिश दर्ज की गई। प्रदेश के सभी 40 जिलों में हुई इस मानसूनी बारिश में पश्चिमी मध्य प्रदेश के इंदौर, भोपाल, उज्जैन, नर्मदापुरम, ग्वालियर और चंबल संभाग के 126 स्थान शामिल रहे। मंदसौर के मल्हारगढ़ में सर्वाधिक 6 इंच (150 मिमी) बारिश रिकॉर्ड की गई। हालांकि, भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार अब प्रदेश में मानसूनी सिस्टम कमजोर पड़ गया है और अगले 4 दिनों तक किसी भी जिले में भारी या अति भारी बारिश का अनुमान नहीं है।
हादसा: रतलाम में कच्चे मकान की दीवार गिरने से 9 साल की बच्ची की मौत
तेज बारिश के बीच रतलाम जिले के नामली थाना क्षेत्र अंतर्गत रुघनाथगढ़ गांव में एक दर्दनाक हादसा हुआ: सोमवार शाम तेज बारिश के दौरान एक कच्चे मकान की दीवार ढह गई, जिससे पास के मकान का छज्जा भी गिर गया। हादसे में 9 वर्षीय बच्ची यंशिका चौहान की मलबे में दबने से मौत हो गई, जबकि 12 वर्षीय प्रीति चौहान और 65 वर्षीय बुजुर्ग महिला मांगूबाई गंभीर रूप से घायल हो गईं। घायलों का इलाज रतलाम मेडिकल कॉलेज में जारी है।
क्षेत्रवार बारिश का आंकड़ा: पूर्वी हिस्से में बंपर बारिश, पश्चिमी मध्य प्रदेश पिछड़ा
मानसून सीजन का अंतिम पखवाड़ा शेष रहने के बावजूद प्रदेश में अब तक सामान्य की तुलना में 6% कम (औसत 32.8 इंच) बारिश हुई है: मऊगंज, सतना, निवाड़ी और मैहर में कोटे से अधिक पानी गिरा है। सागर के निवाड़ी में औसत से 49% और मऊगंज में 44% अधिक (54.9 इंच) बारिश हुई है। इंदौर संभाग का आलीराजपुर जिला सबसे कम बारिश से जूझ रहा है, जहां अब तक कोटे की आधी बारिश भी नहीं हुई और केवल 16 इंच पानी गिरा है। भोपाल, ग्वालियर और निवाड़ी सहित 18 जिलों में बारिश का वार्षिक कोटा पूरा हो चुका है, जबकि इंदौर, उज्जैन और जबलपुर सहित 37 जिलों में अभी भी कोटे की पूर्ति नहीं हो सकी है।
प्रदेश के 5 प्रमुख बड़े शहरों में बारिश का रुझान व ऐतिहासिक रिकॉर्ड
भोपाल: सितंबर महीने की सामान्य बारिश 7 इंच है, लेकिन शहर में पिछले 4 वर्षों से कोटे से अधिक बारिश दर्ज की जा रही है।
इंदौर: इंदौर में सितंबर की औसत बारिश 8 दिन की होती है। शहर में 1954 में सितंबर माह के दौरान सर्वाधिक 30 इंच बारिश का सर्वकालिक रिकॉर्ड बना था।
ग्वालियर: ग्वालियर ने इस वर्ष अगस्त में ही अपनी वार्षिक औसत बारिश का कोटा पूरा कर लिया था। 1990 के सितंबर महीने में यहां रिकॉर्ड 25.5 इंच बारिश हुई थी।
जबलपुर: जबलपुर में सितंबर की औसत बारिश 8.5 इंच रहती है, जबकि 20 सितंबर 1926 को 24 घंटे में सर्वाधिक 8.5 इंच बारिश दर्ज की गई थी।
उज्जैन: उज्जैन की सामान्य मानसूनी बारिश 34.81 इंच है, हालांकि वर्ष 1961 के सितंबर माह में अकेले 43 इंच बारिश का ऐतिहासिक रिकॉर्ड दर्ज हुआ था।
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, 15 सितंबर के बाद से पूरे प्रदेश में बारिश की तीव्रता और प्रसार में क्रमिक रूप से कमी आएगी।




