छतरपुर(विनोद मिश्रा, शिवम सोनी)। केन-बेतवा लिंक परियोजना के खिलाफ चल रहे आंदोलन को लेकर आम आदमी पार्टी के नेता अमित भटनागर के परिवार पर दबाव बढ़ता जा रहा है। सोमवार को शहर के एक होटल में आयोजित पत्रकार वार्ता में अमित भटनागर के भाई अंकित भटनागर और पिता डॉ. संतोष भटनागर ने प्रशासन और स्थानीय जनप्रतिनिधियों पर मिलीभगत का गंभीर आरोप लगाया।
परिजनों ने कहा कि अमित भटनागर जब भी परियोजना का विरोध करते हैं, उसी समय प्रशासन उनके परिवार पर दबाव बनाने के लिए मकान तोडऩे का नोटिस जारी कर देता है। उन्होंने बताया कि डिग्री कॉलेज के पास स्थित उनके मकान को तोडऩे की कार्रवाई की जा रही है, जबकि अमित भटनागर का इस संपत्ति से कोई संबंध नहीं है।
अंकित भटनागर ने कहा, भाई ने साफ कहा है कि उसका इस बस्ते से कोई लेना-देना नहीं है, फिर भी परिवार को टारगेट किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि नोटिस जारी कर परिवार को मानसिक रूप से परेशान किया जा रहा है। नोटिस की खबर सुनते ही उनकी मां की तबीयत बिगड़ गई, जबकि बुजुर्ग पिता डॉ. संतोष भटनागर भी मानसिक तनाव में हैं।
परिवार ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि परिवार के किसी सदस्य के साथ कोई अनहोनी घटना होती है तो इसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन और स्थानीय जनप्रतिनिधियों की होगी। परिजनों का कहना है कि यह साफ तौर पर विरोध को कुचलने की कोशिश है और प्रशासन व जनप्रतिनिधि मिलकर उन्हें दबाने का प्रयास कर रहे हैं।











