नई दिल्ली। पहलवान सुशील कुमार को दिल्ली हाई कोर्ट से झटका लगा है। सुशील ने पहलवान सागर धनखड़ के मौत के मामले में दिल्ली हाई कोर्ट में जमानत अर्जी दाखिल की थी। गुरुवार को अदालत ने सुशील की जमानत अर्जी खारिज कर दी।

सुशील कुमार ने 6 फरवरी को रोहिणी कोर्ट द्वारा नियमित जमानत याचिका खारिज करने के फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। सुशील फिलहाल 2021 में हुए पहलवान सागर धनखड़ की हत्या के आरोप में न्यायिक हिरासत में हैं।

जूनियर नेशनल कुश्ती चैंपियन पहलवान सागर धनखड़ की हत्या 4-5 मई 2021 की रात को दिल्ली के छत्रसाल स्टेडियम परिसर में हुई थी। रिपोर्ट के मुताबिक उन्हें और उनके साथियों को कुछ लोगों द्वारा जबरन अगवा करके स्टेडियम लाया गया था, जहां लाठी, डंडों और हॉकी स्टिक से उनकी बेरहमी से पिटाई की गई। गंभीर मारपीट और सिर पर गहरी चोट लगने के कारण अस्पताल में इलाज के दौरान सागर की मौत हो गई थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार, धनखड़ को किसी भारी चीज से चोट लगने के कारण दिमाग में गंभीर चोट लगी थी। धनखड़ की हत्या के मामले में पहलवान सुशील कुमार को मुख्य आरोपी बनाया गया है।

सागर धनखड़ हत्याकांड मामले में सुशील कुमार को दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने 23 मई 2021 को गिरफ्तार किया था। उसी समय से वह जेल में हैं। अक्टूबर 2022 में ट्रायल कोर्ट ने सुशील कुमार के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की हत्या, आपराधिक साजिश, धमकी और घातक हथियारों से दंगा करने से जुड़ी धाराओं में आरोप तय किए थे। साथ ही, आर्म्स एक्ट के तहत भी मामले दर्ज किए गए थे। अदालत ने उन्हें 19 जुलाई 2023 को घुटने की सर्जरी के लिए एक सप्ताह की अंतरिम जमानत दी थी।

सागर धनखड़ हत्याकांड में मुख्य आरोपी के रूप में नाम आने से पहले सुशील कुमार देश के सबसे प्रतिष्ठित और सफल पहलवानों में शुमार किए जाते थे। सुशील ने देश के लिए कुश्ती में 2008 में बीजिंग ओलंपिक में कांस्य और 2012 में लंदन ओलंपिक में रजत पदक जीता था।