अयोध्या। समाजवादी पार्टी (सपा) के सांसद अवधेश प्रसाद ने सीएम योगी आदित्‍यनाथ के उस बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी, जिसमें उन्‍होंने श्रीराम मंदिर में हुए चढ़ावे में घोटाले पर एसआईटी की जांच के बाद दूध का दूध और पानी अलग यानी सच्‍चाई सामने आने की बात कही है। उन्‍होंने कहा कि एसआईटी का गठन और जांच का कोई मतलब नहीं है। जिस श्रीराम की कृपा से भाजपा ने सत्ता हासिल की, उन्‍हीं के मंदिर में डाका डाला गया है। उन्होंने कहा कि दूध तो पहले ही पी लिया गया है। इस एसआईटी गठन और जांच का कोई मतलब नहीं है। जिस श्रीराम की कृपा से भाजपा ने सरकार बनाया है, उन्‍हीं के मंदिर में डाका डाला गया है। भारतीय जनता पार्टी की सरकार एक साल के भीतर गिर जाएगी।

नीट (यूजी) की दोबारा परीक्षा पर मॉकड्रिल‍ को लेकर अवधेश प्रसाद ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत के दौरान तीखी प्रतिक्रिया जाहिर की है। उन्‍होंने कहा, "यह सिर्फ एक ड्रामा है। देशभर में इस समय अयोध्‍या में श्रीराम मंदिर में चढ़ावे में लूट, भ्रष्‍टाचार की चर्चा है। वे लोगों का ध्यान उन मुद्दों से भटकाने के लिए ऐसा कर रहे हैं। उनका मकसद राज्य के युवाओं को रोजगार देना या बेरोजगारी कम करना नहीं है।"

उन्‍होंने कहा कि जिले की हर तहसील में दस्तावेज नवीस का काम पिछले 10 दिनों से बंद है। दस्‍तावेज नवीसों के पास करीब 10 से पांच लोग रहते थे और अपने घरों के खर्च निकालते थे। इसका काम भी ठेके पर करवाना चाहते हैं, सरकार का इरादा अच्‍छा नहीं है। इन सभी समस्‍याओं और दुश्‍वारियों से छुटकारा पाने का मात्र एक ही रास्‍ता है कि प्रदेश में जनता समाजवादी पार्टी की सरकार बनाए। तभी इस प्रदेश में कारोबारियों, शिक्षकों, किसानों और नौजवानों का भला होगा।