मुंबई। अभिनेत्री सोहा अली खान का मानना है कि 'ताकत का मतलब है कि आप कितनी अच्छी तरह से चल-फिर सकते हैं।' वह 45 साल की उम्र में भी कड़ी मेहनत से व्यायाम करती हैं।
जिम जाने वाली सोहा ने अपने कुछ जिम साथियों के साथ एक मोबिलिटी चैलेंज में हिस्सा लिया, जो उनके लिए आंखें खोलने वाला साबित हुआ।
इस चैलेंज में उन्हें बिना हाथों का इस्तेमाल किए फर्श पर लेटना और वापस उठना था।
'रंग दे बसंती' की अभिनेत्री ने बताया कि यह चैलेंज देखने में छोटा लगता है, लेकिन इसमें कूल्हे की गतिशीलता, निचले शरीर की ताकत, संतुलन, लचीलापन और समन्वय का मिश्रण शामिल है।
सोहा ने बताया कि उम्र के साथ, हम कुछ ऐसी गतिविधियों को करने में असमर्थ हो जाते हैं जो पहले बेहद आसान लगती थीं।
उन्होंने फोटो-शेयरिंग ऐप पर लिखा, "लेकिन यहां एक सोचने लायक बात है: हम अपने शरीर को रोजमर्रा की जिंदगी में काम आने वाली गतिविधियों को करने के लिए कितनी बार प्रशिक्षित करते हैं? जैसे-जैसे हमारी उम्र बढ़ती है, अगर हम इन क्षमताओं को बनाए रखने के लिए सक्रिय रूप से काम नहीं करते हैं, तो हम स्वाभाविक रूप से इनमें से कुछ क्षमताओं को खोने लगते हैं। और तब रोजमर्रा की दिखने में सरल गतिविधियां भी कठिन लगने लगती हैं।"
उन्होंने आगे कहा, "फिटनेस का लक्ष्य सिर्फ भारी वजन उठाना, बड़ी मांसपेशियां बनाना या एक खास तरह का दिखना नहीं होना चाहिए। यह बढ़ती उम्र के साथ-साथ स्वतंत्र रूप से, आत्मविश्वास से और आत्मनिर्भरता से चलने-फिरने की क्षमता को बनाए रखने के बारे में भी होना चाहिए।"
सोहा ने इस बात पर जोर दिया कि ताकत सिर्फ वजन उठाने की क्षमता से नहीं, बल्कि चलने-फिरने की क्षमता से भी जुड़ी होती है।
उन्होंने कहा, "45 साल की उम्र में व्यायाम शुरू करें ताकि 75 साल की उम्र में जीवन आसान लगे। अब, आपके लिए चुनौती: इसे स्वयं आजमाएं! क्या आप बिना हाथों का इस्तेमाल किए उठ सकते हैं? एक बार कोशिश करें, अपना वीडियो बनाएं और अपने परिणाम साझा करें। देखते हैं हममें से कितने लोग इसे कर पाते हैं!", उन्होंने नेटिजन्स को चुनौती दी।
सोहा नियमित रूप से अपने सोशल मीडिया हैंडल पर जिम में बिताए अपने प्रेरणादायक वीडियो पोस्ट करती रहती हैं।













