भोपाल। मध्य प्रदेश में राज्य प्रशासनिक सेवा (SAS) के अफसरों की मनमानी और तबादला आदेशों की अनदेखी पर डॉ. मोहन यादव सरकार ने बेहद कड़ा रुख अपनाया है। सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) ने सख्त रुख अपनाते हुए स्थानांतरण आदेश जारी होने के महीनों बाद भी अपनी नई पदस्थापना स्थल पर पदभार ग्रहण न करने वाले 17 वरिष्ठ SAS अधिकारियों को उनकी वर्तमान पोस्टिंग से तत्काल प्रभाव से एकतरफा कार्यमुक्त (Relieve) कर दिया है। विभाग ने सभी अफसरों को दो सप्ताह के भीतर नई जगहों पर अनिवार्य रूप से जॉइनिंग रिपोर्ट देने के निर्देश जारी किए हैं।
महीनों से अटके थे ट्रांसफर, जिलों में ठप हो रहे थे प्रशासनिक काम
सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा इन अधिकारियों के तबादले पूर्व में 4 अगस्त 2025, 15 जून 2026, 7 जुलाई 2026 और 5 सितंबर 2026 को जारी किए गए थे। बावजूद इसके, संबंधित अधिकारी प्रभाव या अन्य कारणों का हवाला देकर पुरानी जगहों पर ही डटे हुए थे और नई पदस्थापना पर कार्यभार नहीं संभाल रहे थे। अधिकारियों की इस टालमटोल व्यवस्था के कारण कई जिलों की कलेक्ट्रेट, जिला पंचायतों और संभागीय आयुक्त कार्यालयों में महत्वपूर्ण पद खाली पड़े थे, जिससे राजस्व निपटारे, विकास योजनाओं के क्रियान्वयन और जनता से जुड़े प्रशासनिक कार्यों पर प्रतिकूल असर पड़ रहा था।
एकतरफा कार्यमुक्त किए गए 17 SAS अधिकारियों की सूची:
- शैलेन्द्र सिंह (2011): मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ), जिला पंचायत सतना से सीईओ, जिला पंचायत दतिया।
- सपना त्रिपाठी (2012): अपर कलेक्टर, जिला रीवा से सीईओ, जिला पंचायत सतना।
- पीयूष भट्ट (2014): संयुक्त कलेक्टर, जिला रीवा से उपायुक्त (भू-संसाधन प्रबंधन), रीवा संभाग।
- हुनेन्द्र घोरमारे (2016): संयुक्त कलेक्टर, जिला मंडला से उपायुक्त (राजस्व), शहडोल संभाग।
- मायाराम कोल (2016): संयुक्त कलेक्टर, जिला बालाघाट से उपायुक्त (राजस्व), सागर संभाग।
- कैलाश चन्द्र ठाकुर (2016): संयुक्त कलेक्टर, जिला बालाघाट से संयुक्त कलेक्टर, जिला खरगोन।
- सुधीर कुमार जैन (2016): संयुक्त कलेक्टर, जिला छिंदवाड़ा से संयुक्त कलेक्टर, जिला बालाघाट।
- अनुराग तिवारी (2016): संयुक्त कलेक्टर, जिला रीवा से संयुक्त कलेक्टर, जिला सतना।
- प्रियंका वर्मा (2017): संयुक्त कलेक्टर, जिला सिवनी से अवर सचिव (अंडर सेक्रेटरी), सामान्य प्रशासन विभाग, मंत्रालय भोपाल।
- मेघा पंवार (2018): संयुक्त कलेक्टर, जिला धार से संयुक्त कलेक्टर, जिला आलीराजपुर।
- किरण सिंह आंजना (2019): संयुक्त कलेक्टर, जिला नीमच से संयुक्त कलेक्टर, जिला झाबुआ।
- मेघा तिवारी (2019): डिप्टी कलेक्टर, जिला मुरैना से डिप्टी कलेक्टर, जिला श्योपुर।
- आरती नर्बदा सिंह (2019): संयुक्त कलेक्टर, जिला मैहर से संयुक्त कलेक्टर, जिला सतना।
- आकांक्षा करोठिया (2019): संयुक्त कलेक्टर, जिला खरगोन से संयुक्त कलेक्टर, जिला आलीराजपुर।
- राहुल नायक (2019): संयुक्त कलेक्टर, जिला बालाघाट से संयुक्त कलेक्टर, जिला रायसेन।
- वैद्यनाथ वासनिक (प्रभारी): प्रभारी डिप्टी कलेक्टर, जिला डिंडौरी से प्रभारी डिप्टी कलेक्टर, जिला सिवनी।
- रेखा देशमुख (प्रभारी): प्रभारी डिप्टी कलेक्टर, जिला सिवनी से प्रभारी डिप्टी कलेक्टर, जिला मंडला।
- सामान्य प्रशासन विभाग का कड़ा संदेश: जॉइन न करने पर होगी अनुशासनात्मक कार्रवाई
सामान्य प्रशासन विभाग के इस कठोर आदेश से राज्य प्रशासनिक सेवा संवर्ग में हड़कंप मच गया है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि यदि ये अधिकारी दी गई 14 दिनों की समय-सीमा के भीतर अपनी नई पदस्थापना स्थल पर कार्यभार ग्रहण नहीं करते हैं, तो उनके खिलाफ मध्य प्रदेश सिविल सेवा (आचरण) नियमों के तहत दंडात्मक व अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू की जाएगी। शासन का मानना है कि इस कड़ाई से जिलों में खाली पड़े प्रशासनिक पदों पर अधिकारियों की तैनाती त्वरित होगी, जिससे आम जनता के राजस्व मामलों, कलेक्ट्रेट जनसुनवाई और जनहितैषी योजनाओं के क्रियान्वयन में गति आएगी।













