छतरपुर, संतोष शिवहरे। महाराजा छत्रसाल बुंदेलखंड विश्वविद्यालय में परीक्षा मूल्यांकन में कथित गड़बड़ी और शैक्षणिक अव्यवस्थाओं को लेकर छात्रों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है। इसी मुद्दे को लेकर कुलपति को ज्ञापन सौंपने के बाद छात्र संगठन से जुड़े पदाधिकारी सत्येंद्र ने कॉलेज के मुख्य गेट पर आत्मघाती कदम उठाने का प्रयास किया। मौके पर मौजूद छात्रों और सुरक्षाकर्मियों ने तत्काल हस्तक्षेप कर उन्हें सुरक्षित बचा लिया। घटना के बाद विश्वविद्यालय परिसर में हड़कंप मच गया।
छात्रों ने हाल ही में घोषित परीक्षा परिणामों पर गंभीर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि कॉपियों के मूल्यांकन में भारी लापरवाही बरती गई है। उनका कहना है कि एक ही विषय में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं को अनुत्तीर्ण कर दिया गया, जबकि कई विद्यार्थियों की मार्कशीट में संबंधित विषय में शून्य अंक दर्ज किए गए हैं। छात्रों ने इसे मूल्यांकन प्रक्रिया में गड़बड़ी बताते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
छात्रों ने विश्वविद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्थाओं को लेकर भी नाराजगी जताई। उनका आरोप है कि पिछले कई महीनों से नियमित कक्षाएं संचालित नहीं हो रही हैं और शिक्षकों की कमी के कारण पाठ्यक्रम भी समय पर पूरा नहीं हो पा रहा है। इसके अलावा नए प्रवेश के दौरान दस्तावेज जमा करने सहित अन्य प्रक्रियाओं में भी विद्यार्थियों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
छात्रों ने कुलपति से प्रभावित विद्यार्थियों के परीक्षा परिणामों की दोबारा जांच कर आवश्यक सुधार करने, नियमित कक्षाएं संचालित कराने और शिक्षकों की कमी दूर करने की मांग की है। छात्र संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि विश्वविद्यालय प्रशासन ने जल्द समस्याओं का समाधान नहीं किया तो आने वाले दिनों में आंदोलन तेज किया जाएगा।




