कटनी, सुमित पाण्डेय। सरकारी स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने और तकनीक आधारित पढ़ाई को बढ़ावा देने की दिशा में कटनी जिले ने मध्यप्रदेश में नई मिसाल कायम की है। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डाइट) कटनी ने कक्षा 6वीं से 8वीं तक के विद्यार्थियों के लिए QR कोड आधारित डिजिटल अध्ययन व्यवस्था विकसित की है। इस नवाचार को लागू करने वाला कटनी प्रदेश का पहला जिला बन गया है।
इस पहल के तहत हिंदी, अंग्रेजी, गणित, विज्ञान और सामाजिक विज्ञान विषयों के प्रत्येक अध्याय के लिए विशेष QR कोड तैयार किए गए हैं। इन कोड्स को स्कैन करते ही संबंधित अध्याय के शैक्षणिक वीडियो और डिजिटल सामग्री स्मार्ट बोर्ड पर लाइव हो जाएगी। इससे विद्यार्थियों को कठिन विषय भी सरल तरीके से समझने में मदद मिलेगी।
डाइट कटनी ने इस डिजिटल मॉडल को स्थानीय जरूरतों के अनुसार तैयार किया है। जिन विषयों के उपयुक्त वीडियो ऑनलाइन उपलब्ध नहीं थे, उनके लिए विशेषज्ञ शिक्षकों ने स्वयं सरल और स्थानीय भाषा शैली में वीडियो लेक्चर तैयार किए हैं। इससे ग्रामीण और सामान्य पृष्ठभूमि से आने वाले विद्यार्थियों को भी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सकेगी।
जिले के 45 शासकीय विद्यालयों और 9 छात्रावासों में स्थापित 99 स्मार्ट बोर्ड लंबे समय से उपयोग के अभाव में निष्क्रिय पड़े थे। अब QR कोड आधारित इस व्यवस्था के जरिए इन संसाधनों को नया जीवन मिल गया है। शिक्षा विभाग का दावा है कि इससे जिले के हर क्षेत्र में बच्चों को समान स्तर की शिक्षा उपलब्ध कराई जा सकेगी।
जिला शिक्षा अधिकारी राजेश अग्रहरि ने बताया कि जिन स्कूलों में शिक्षकों की कमी है या शिक्षक अनुपस्थित रहते हैं, वहां भी पढ़ाई बाधित नहीं होगी। विद्यार्थी स्वयं स्मार्ट बोर्ड पर QR कोड स्कैन कर डिजिटल कक्षाओं के माध्यम से पढ़ाई कर सकेंगे। इससे बच्चों में सेल्फ-लर्निंग की आदत भी विकसित होगी।
शिक्षा विभाग अब इस व्यवस्था को अभिभावकों से भी जोड़ने की तैयारी कर रहा है, ताकि बच्चे घर पर मोबाइल का उपयोग केवल मनोरंजन के बजाय पढ़ाई और ज्ञानवर्धन के लिए कर सकें।




