छतरपुर/नौगांव, कमल यादव। जनपद पंचायत नौगांव के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) प्रभाषराज घनघोरिया की कार्यप्रणाली और उनके खिलाफ प्राप्त गंभीर शिकायतों की जांच के लिए जिला स्तर पर तीन सदस्यीय जांच कमेटी गठित की गई है। जिला पंचायत सीईओ नमः शिवाय अरजरिया ने पंचायती राज संचालक एवं विकास आयुक्त के निर्देशानुसार इस जांच दल का गठन किया है। समिति को मौके पर जाकर शिकायतकर्ता और संबंधित पक्षों के बयान दर्ज कर तीन दिनों के भीतर अपनी विस्तृत जांच रिपोर्ट जिला पंचायत को सौंपने के सख्त निर्देश दिए गए हैं।
तीन सदस्यीय समिति में प्रशासनिक व तकनीकी अधिकारी शामिल
जिला पंचायत द्वारा गठित त्रि-स्तरीय जांच समिति में नौगांव एसडीएम जी.एस. पटेल, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा (आरईएस) के कार्यपालन यंत्री सलिल सिंह तथा जिला पंचायत के वरिष्ठ लेखाधिकारी संजय कुमार चतुर्वेदी को सदस्य नियुक्त किया गया है। यह टीम नौगांव जनपद पंचायत कार्यालय पहुंचकर सभी दस्तावेजों, आदेशों और शिकायतकर्ता के बयानों की निष्पक्ष जांच करेगी।
अधीनस्थ खंड पंचायत अधिकारी को प्रताड़ित करने का आरोप
वरिष्ठ अधिकारियों और शासन को भेजी गई शिकायत में आरोप लगाया गया है कि नौगांव जनपद सीईओ प्रभाषराज घनघोरिया अपने ही अधीनस्थ खंड पंचायत अधिकारी (KPO) चंद्रकृपाल अहिरवार को लंबे समय से मानसिक व प्रशासनिक रूप से प्रताड़ित कर रहे हैं। शिकायत के अनुसार, सीईओ अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर चंद्रकृपाल के विरुद्ध दुर्भावनापूर्ण कार्रवाइयां कर रहे थे।

प्रताड़ना से तंग आकर दिया था वीआरएस का आवेदन
लगातार जारी प्रताड़ना से त्रस्त होकर खंड पंचायत अधिकारी चंद्रकृपाल अहिरवार ने कुछ समय पूर्व स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (VRS) के लिए आवेदन तक दे दिया था। बताया गया है कि चंद्रकृपाल कुछ ही समय बाद अपनी नियमित सेवा पूर्ण कर सेवानिवृत्त होने वाले हैं, लेकिन सीईओ द्वारा की गई नियम विरुद्ध कार्रवाइयों के चलते उनकी सेवानिवृत्ति उपरांत मिलने वाले वित्तीय स्वत्वों और पेंशन प्रक्रिया पर प्रतिकूल असर पड़ने की आशंका बन गई थी।
3 दिन में रिपोर्ट तलब
मामले की गंभीरता को देखते हुए राज्य शासन के निर्देश पर 25 अगस्त को जांच समिति का आदेश जारी किया गया। जांच दल को निर्देशित किया गया है कि वे जनपद पंचायत नौगांव एवं शिकायतकर्ता के समक्ष उपस्थित होकर सूक्ष्मता से प्रकरण की जांच करें और 3 कार्यदिवसों के भीतर अपनी अंतिम जांच आख्या प्रस्तुत करें, जिसके आधार पर आगामी वैधानिक कार्रवाई तय की जाएगी।




