पन्ना, अमित सिंह राठौर। पन्ना टाइगर रिजर्व के अकोला गेट पर रविवार को पन्ना की सबसे उम्रदराज और पर्यटकों के बीच लोकप्रिय हथिनी ‘दादी मां वत्सला’ की इको-फ्रेंडली प्रतिमा का अनावरण किया गया। विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर और जिले के प्रभारी मंत्री इंदर सिंह परमार ने प्रतिमा का अनावरण किया। इस दौरान पन्ना टाइगर रिजर्व के अधिकारी और वन्यजीव प्रेमी मौजूद रहे।


वत्सला के निधन को एक वर्ष बीत चुका है, लेकिन पन्ना के जंगलों और यहां आने वाले पर्यटकों के बीच उनकी यादें आज भी ताजा हैं। अपनी शांत चाल, सहज स्वभाव और स्नेहिल व्यवहार के कारण वत्सला पर्यटकों के बीच खास पहचान रखती थीं। उन्हें पन्ना की ‘दादी मां’ के नाम से भी जाना जाता था।


रिसाइकिल्ड प्लास्टिक से तैयार हुई प्रतिमा

वत्सला की प्रतिमा को पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए इको-फ्रेंडली तरीके से तैयार किया गया है। इसके निर्माण में प्लास्टिक, बोतलों और रिसाइकिल्ड प्लास्टिक का उपयोग किया गया है। प्रतिमा का अनावरण वन्यजीव संरक्षण के साथ-साथ प्लास्टिक के पुनर्चक्रण और पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी देता है।


आने वाली पीढ़ियों को देगी संरक्षण का संदेश

अकोला गेट पर स्थापित यह प्रतिमा पन्ना आने वाले पर्यटकों को वत्सला की कहानी से रूबरू कराएगी। वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, यह पहल केवल स्मारक के तौर पर नहीं, बल्कि वन्यजीवों के प्रति संवेदनशीलता और संरक्षण की भावना को बढ़ावा देने के उद्देश्य से की गई है। वत्सला का जीवन इंसान और वन्यजीवों के बीच बने भावनात्मक रिश्ते की मिसाल भी रहा है।


पन्ना टाइगर रिजर्व के क्षेत्र संचालक ब्रजेन्द्र कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि वत्सला की चाल भले ही थम गई हो, लेकिन उनकी स्मृतियां अब प्रतिमा के माध्यम से हमेशा जीवंत रहेंगी। वत्सला की कहानी पन्ना के वन्यजीव संरक्षण की विरासत में एक भावुक अध्याय के रूप में दर्ज हो चुकी है।