टीकमगढ़ (मोहसिन अहमद)। वन मंडल टीकमगढ़ अंतर्गत टीकमगढ़ रेंज में हुए चर्चित चिंकारा हिरण शिकार प्रकरण तथा जब्त वाहनों की राजसात कार्रवाई में बड़े पैमाने पर हेराफेरी और अवैध लेन-देन के गंभीर आरोपों में घिरे वन विभाग के आला अधिकारियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। लोकायुक्त कार्यालय मध्यप्रदेश (भोपाल) ने मामले का कड़ा संज्ञान लेते हुए तत्कालीन एसडीओ (SDO) अमिता केबी एवं रेंजर सौरभ जैन के विरुद्ध जांच प्रकरण पंजीकृत कर लिया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, शिकायतकर्ता शिशुपाल अहिरवार द्वारा लोकायुक्त संगठन में शपथ पत्र एवं पुख्ता दस्तावेजों के साथ एक विस्तृत शिकायत दर्ज कराई गई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि टीकमगढ़ रेंज में पंजीकृत चिंकारा शिकार मामले में नियमों को ताक पर रखकर आरोपियों को लाभ पहुंचाने एवं जब्त किए गए वाहनों की राजसात (Confiscation) प्रक्रिया को प्रभावित करने के बदले भारी लेन-देन व हेराफेरी की गई।


लोकायुक्त ने जारी किया आधिकारिक आदेश

लोकायुक्त कार्यालय भोपाल के विधि सलाहकार (तीन) चन्द्र देव शर्मा द्वारा जारी पत्र (प्रकरण क्रमांक 140/ई/26-27, पत्र क्रमांक 2160) के माध्यम से प्रमुख सचिव (म.प्र. शासन, वन विभाग मंत्रालय, भोपाल) तथा प्रधान मुख्य वन संरक्षक (PCCF & HoFF, भोपाल) को शिकायत की प्रति मय 21 संलग्न दस्तावेजों सहित प्रेषित की गई है।

लोकायुक्त संगठन ने वन विभाग के शीर्ष नेतृत्व से उक्त शिकायत में वर्णित गंभीर आक्षेपों की बिंदुवार जांच कराकर स्पष्ट तथ्यात्मक प्रतिवेदन (Factual Report) आगामी 14 अगस्त 2026 तक अनिवार्य रूप से संगठन को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। लोकायुक्त की इस सख्त कार्रवाई के बाद वन महकमे में हड़कंप मच गया है।