भोपाल। मध्य प्रदेश के स्कूल शिक्षा विभाग ने विद्यार्थियों के मूल्यांकन और शिक्षकों की उपस्थिति व्यवस्था को लेकर दो महत्वपूर्ण निर्णय लागू किए हैं। कक्षा 9वीं के छात्रों के लिए 'हॉलिस्टिक प्रोग्रेस कार्ड' (HPC) को पायलट प्रोजेक्ट के रूप में अगस्त माह से शुरू कर दिया गया है। वहीं, जबलपुर जिले में शिक्षकों की लेट-लतीफी पर अंकुश लगाने के लिए ई-अटेंडेंस का समय बदलकर सुबह 10:30 बजे अनिवार्य कर दिया गया है।


कक्षा 9वीं में 'हॉलिस्टिक प्रोग्रेस कार्ड' (HPC) व्यवस्था लागू

समग्र शिक्षा अभियान के अपर परियोजना संचालक के निर्देशों के अनुसार, अब विद्यार्थियों का मूल्यांकन केवल किताबी परीक्षा के आधार पर न होकर उनके कौशल, व्यवहार, जीवन मूल्य और गतिविधियों के आधार पर भी होगा। यह व्यवस्था प्रदेश के प्रत्येक जिले के 3 चयनित स्कूलों (1 सांदीपनि विद्यालय, 1 पीएम श्री विद्यालय, और 1 जिला उत्कृष्ट विद्यालय) में लागू की जा रही है। यह प्रोजेक्ट अगस्त से फरवरी तक 7 माह (144 शैक्षणिक कार्य दिवस) में पूरा होगा। इसके लिए प्रतिदिन 50 मिनट के हिसाब से कुल 120 घंटे (7200 मिनट) की गतिविधियां निर्धारित की गई हैं। वर्तमान में नेशनल क्रेडिट फ्रेमवर्क लागू न होने के कारण इन गतिविधियों के प्रदर्शन को सीधे ग्रेड से जोड़ा जाएगा।


माह-वार निर्धारित गतिविधियों के अंतर्गत, अगस्त माह में व्यक्तिगत जानकारी, स्व-मूल्यांकन, समय प्रबंधन, भविष्य की तैयारी और उपलब्धियों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। इसके पश्चात, सितंबर से अक्टूबर के दौरान समूह परियोजना कार्य (ग्रुप प्रोजेक्ट वर्क) आयोजित किया जाएगा। नवंबर से दिसंबर के महीनों में समस्या-आधारित खोज व अध्ययन (प्रॉब्लम बेस्ड इंक्वायरी) की गतिविधि संचालित होगी। फिर जनवरी माह में कक्षा-कक्ष संवाद (क्लासरूम इंटरेक्शन) कराया जाएगा, और अंत में फरवरी माह में शिक्षकों द्वारा अंतिम मूल्यांकन पूर्ण कर रिपोर्ट कार्ड का वितरण किया जाएगा।