इंफाल। सोमवार को मणिपुर के कांगपोकपी जिले में संदिग्ध उग्रवादियों के हमले में दो ग्रामीणों की मौत हो गई और एक अन्य घायल हो गया। हालांकि, कुकी आदिवासियों के एक प्रमुख संगठन का दावा है कि कथित तौर पर तीन निर्दोष ग्रामीणों (जिनमें दो महिलाएं भी शामिल हैं) की गोली मारकर हत्या कर दी गई, जबकि चार अन्य को गोली लगी और वे गंभीर रूप से घायल हैं।


इंफाल में एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि पहाड़ी कांगपोकपी जिले में कुकी समुदाय के गांव 'एन. तेइखांग' में संदिग्ध उग्रवादी समूह के हथियारबंद लोगों ने अत्याधुनिक हथियारों से अंधाधुंध गोलीबारी की, जिसमें दो लोगों की मौत हो गई और एक अन्य घायल हो गया। हमले के दौरान कई घरों में आग भी लगा दी गई।


अधिकारी ने बताया कि भारी गोलीबारी के कारण महिलाओं और बच्चों सहित कई ग्रामीणों को अपने घर छोड़कर पास के जंगलों में शरण लेनी पड़ी।


मणिपुर पुलिस और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (सीएपीएफ) की सुरक्षा टुकड़ियां इलाके में पहुंच गई हैं और स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए अभियान शुरू कर दिया है।


यह हमला उस घटना के कुछ दिनों बाद हुआ है जब संदिग्ध उग्रवादियों ने जिले में एक वाहन पर घात लगाकर हमला किया था, जिसमें चार नागा नागरिकों की मौत हो गई थी और एक अन्य घायल हो गया था।


इस साल फरवरी में राज्य में नागा और कुकी समुदायों के बीच हिंसा शुरू होने के बाद से गोलीबारी की अलग-अलग घटनाओं में दोनों समुदायों के 20 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं और कई घर जला दिए गए हैं।


ट्विलांग एरिया कुकी सीएसओ वर्किंग कमिटी ने उस घटना की कड़ी निंदा की है जिसे उन्होंने एनएससीएन-आईएम के हथियारबंद कैडरों और उनके कथित प्रॉक्सी फोर्स (जेलियांगग्रोंग यूनाइटेड फ्रंट - कामसन/कैंसन गुट) द्वारा तेइखांग गांव के बेगुनाह निवासियों पर बिना किसी उकसावे के किया गया बर्बर हमला बताया है।


कुकी आदिवासी संगठन ने एक बयान में दावा किया कि अलगाववादी एनएससीएन-आईएम के लगभग 50 भारी हथियारों से लैस कैडरों ने गांव पर हमला किया, आम नागरिकों पर अंधाधुंध गोलीबारी की और कई घरों में आग लगा दी। बयान में कहा गया कि खबरों के अनुसार, दो महिलाओं समेत तीन बेगुनाह ग्रामीणों की गोली मारकर हत्या कर दी गई, जबकि एक महिला समेत चार अन्य लोग गोली लगने से गंभीर रूप से घायल हो गए।


बयान के अनुसार, मारे गए लोगों की पहचान टिंगनेइचिन ल्होवम (40), होइनेइनेंग ल्होजेम (21) और लामतिनथांग ल्होजेम (36) के तौर पर हुई है। गंभीर रूप से घायल ग्रामीणों की पहचान नेमनेइचोंग ल्होजेम (50), सेलुन ल्होजेम (70), डेलहिंग हाओकिप (55) और कामतिनसेई चोंगलोई (38) के तौर पर हुई है।


आदिवासी संगठन ने हमले की कड़ी निंदा की और आरोप लगाया कि बिना किसी उकसावे के बेगुनाह नागरिकों को निशाना बनाया गया, जिससे कुकी-बहुल गांव के निवासियों में दहशत फैल गई।


कुकी स्टूडेंट्स ऑर्गनाइजेशन ने भी हमले की कड़ी निंदा की। पुलिस और सुरक्षा अधिकारियों ने कहा कि और जानकारी जुटाई जा रही है और सुरक्षा बल प्रभावित इलाके और उसके आसपास ऑपरेशन जारी रखे हुए हैं।