लंदन। ब्रिटिश एयर चीफ मार्शल हार्व स्मिथ ने बुधवार को देश के सैटेलाइट्स की सुरक्षा के लिए एक नया मिलिट्री स्पेस स्क्वाड्रन शुरू करने का ऐलान किया। यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब कई देश मिलिट्री स्पेस क्षमताएं हासिल करने की होड़ में लगे हैं।
रक्षा मंत्रालय (एमओडी) ने कहा कि रॉयल एयर फोर्स (आरएएफ) का यह नया स्क्वाड्रन कम्युनिकेशन और मिसाइल हमलों की चेतावनी देने वाले अहम सैटेलाइट्स की सुरक्षा करेगा।
इस यूनिट को 'नंबर III स्पेस इफेक्ट्स स्क्वाड्रन' के नाम से जाना जाएगा। मंत्रालय ने बताया कि ये देश की पहली ऐसी यूनिट होगी "अंतरिक्ष में ब्रिटिश हितों को निशाना बनाने वाली दुश्मन की गतिविधियों को बाधित करने, कमजोर करने और रोकने" का काम करेगी।
एमओडी ने बताया कि यूके ने 2023 में दो स्क्वाड्रन लॉन्च किए थे जो अंतरिक्ष के खतरों पर "नजर रखते हैं और चेतावनी देते हैं," जबकि यह नई यूनिट "इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर समेत एडवांस्ड टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करके उन खतरों के खिलाफ कार्रवाई करेगी।"
आईईटी, सेवॉय प्लेस में आयोजित यूके स्पेस पावर कॉन्फ्रेंस में रक्षा मंत्री वेस स्ट्रीटिंग मौजूद थे। उन्होंने संकेत दिया कि देश संभावित अंतरिक्ष हथियारों की दौड़ में शामिल होने जा रहा है।
एयर चीफ मार्शल हार्व स्मिथ ने इसे औपचारिक रूप से पेश किया। यह घोषणा अमेरिका द्वारा पहली बार यह पुष्टि करने के एक हफ्ते से कुछ अधिक समय बाद की गई है कि उसने पृथ्वी के ऊपर ऑर्बिट में हथियार तैनात किए हैं।
इस बात ने चीन को बाहरी अंतरिक्ष को "युद्ध का मैदान" बनाने के खिलाफ चेतावनी देने और रूस को यह कहने के लिए प्रेरित किया कि इसे "किसी भी हथियार से मुक्त" होना चाहिए, क्योंकि अंतरिक्ष में हथियारों की होड़ का डर बना हुआ है।
पिछले साल, यूके स्पेस कमांड के प्रमुख मेजर जनरल पॉल टेडमैन ने चेतावनी दी थी कि वह रूस द्वारा नियमित रूप से ब्रिटिश मिलिट्री सैटेलाइट्स को जाम करने की कोशिशों को लेकर "बहुत चिंतित" हैं।













