नई दिल्ली। ईरान ने शुक्रवार को होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों के लिए नए नियम लागू किए हैं। इन नियमों के तहत अब जहाजों को पहले से रजिस्ट्रेशन कराना होगा। इस बेहद महत्वपूर्ण समुद्री रास्ते में प्रवेश करने से पहले परमिट और बीमा लेना जरूरी होगा। यह फैसला ऐसे समय में आया है जब अमेरिका-ईरान समझौते के बाद हाल ही में यह जलमार्ग फिर से खोला गया है।ईरान की नई बनाई गई पर्शियन गल्फ स्ट्रेट अथॉरिटी (पीजीएसए) ने ये नए नियम जारी किए हैं। यह संस्था वॉशिंगटन और तेहरान के बीच हुए समझौते के तहत बनाई गई है, जिसका मकसद तीन महीने से ज्यादा चले संघर्ष के बाद इस रणनीतिक समुद्री रास्ते से व्यापारिक जहाजों की आवाजाही दोबारा शुरू करना है।
अथॉरिटी के मुताबिक, इन नियमों का उद्देश्य होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले व्यापारिक जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करना है। यह रास्ता दुनिया के करीब एक-पांचवें हिस्से के तेल और तरलीकृत प्राकृतिक गैस (एलएनजी) व्यापार के लिए इस्तेमाल होता है।
पीजीएसए ने कहा, “इस्लामाबाद समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर और संबंधित अधिकारियों के निर्देश जारी होने के बाद, होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों को सूचित किया जाता है कि तय समय के दौरान केवल वही जहाज गुजर सकेंगे जो जरूरी नियमों को पूरा करते हुए अपनी यात्रा की अनुमति के लिए आवेदन जमा करेंगे।”
नए नियमों के अनुसार, जहाज मालिकों और ऑपरेटरों को होर्मुज स्ट्रेट पहुंचने से कम से कम 48 घंटे पहले यात्रा की अनुमति के लिए आवेदन करना होगा।
पीजीएसए ने कहा कि जहाजों को प्रवेश और बाहर निकलने के समय देरी से बचने के लिए अपनी पूरी जानकारी पहले ही देनी होगी।
अथॉरिटी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर बताया कि जहाजों को यात्रा की अनुमति मिलने से पहले जरूरी परमिट और बीमा भी लेना होगा।
इसके अलावा, जहाजों को ईरानी अधिकारियों की ओर से तय किए गए शिपिंग कॉरिडोर का ही इस्तेमाल करना होगा, ताकि उन इलाकों से बचा जा सके जहां संघर्ष के बाद अभी भी बारूदी माइन या अन्य खतरों की संभावना हो सकती है।
अथॉरिटी ने चेतावनी दी है कि अगर कोई जहाज इन नियमों का पालन नहीं करता है, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी जहाज मालिकों की होगी।

