ठाणे। शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत ने प्रधानमंत्री, केंद्रीय गृह मंत्री और अन्य नेताओं को लोकतंत्र और राष्ट्रीय मुद्दों पर खुली बहस की चुनौती दी। अमिताभ बच्चन को लेकर सुरक्षा चिंताओं और फिल्मी हस्तियों को धमकियों की आलोचना की। इसके अलावा भाजपा की अगुवाई वाली बीएमसी पर पटाखों को लेकर दीया मिर्जा की पर्यावरण संबंधी चिंताओं का राजनीतिकरण करने का आरोप लगाया।शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत ने कहा, "कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की ओर से उन्हें बार-बार एसआईआर, लोकतंत्र और देश को लेकर बहस की चुनौती दी जा रही है। उनकी ओर से जहां कहा जाएगा, उस मंच पर बहस की जाएगी। जो लोग सरकार में हैं, देश और राज्य चला रहे हैं, वही लोकतंत्र बचाने के लिए सड़क पर आ गए हैं। हम उनसे गुहार लगा रहे हैं कि लोकतंत्र को बचाइए और उनकी ओर से ज्ञानेश कुमार के समर्थन में लोकतंत्र बचाने की बात की जाती है।"
संजय राउत ने कहा, "अमिताभ बच्चन बुलेटप्रूफ सुरक्षा में जी रहे हैं। इस देश के महानायक इस तरह से अपनी जिंदगी गुजार रहे हैं। यह बहुत शर्मनाक और निंदनीय बात है। पूरा हिंदी फिल्म जगत दहशत में है। जिसकी वजह से दहशत है, वह साबरमती जेल में सरकार की सुरक्षा में आराम से बैठा है और बाहर खेल चल रहा है। अमिताभ बच्चन को धमकाया गया। टाइगर श्रॉफ पर गोली चलाई गई। बाबा सिद्दीकी की हत्या कर दी गई। बड़े-बड़े बिल्डरों को धमकाया जा रहा है। कलाकारों को धमकाया जा रहा है और ये लोग लोकतंत्र बचाने निकले हैं। पहले हमको बचाएं, बाद में लोकतंत्र बचाने की बात करें।"
शिवसेना (यूबीटी) नेता ने कहा, "बीएमसी पर भाजपा की सत्ता को बहुत चर्बी चढ़ी है। ये बार-बार कोर्ट के आदेश की अवहेलना कर रहे हैं। कोर्ट की ओर से कहा गया है कि दीया मिर्जा ने पटाखों को लेकर जो बातें कही हैं, वे गलत नहीं हैं। उनको प्रदूषण की चिंता है। यह धर्मनिरपेक्ष देश है। लेकिन बीएमसी में जो भाजपा के लोग बैठे हैं, वे मानने को तैयार नहीं हैं। अगर वे नहीं मानेंगे तो अवहेलना होगी और उनको जेल जाना पड़ेगा।"
















