कोलकाता। काली पूजा की पूजा-विधि के लिए जरूरी लाल गुड़हल के फूलों की कीमतें रविवार को कोलकाता के खुदरा बाजारों में पांच गुना से भी ज्यादा बढ़ गईं। इसकी प्रमुख वजह इस बार यह शुभ अवसर दिवाली के साथ ही पड़ना है।
खुदरा बाजारों में 108 लाल गुड़हल के फूलों की एक माला 150 से 200 रुपए के बीच बिक रही है (इलाके के हिसाब से कीमतें अलग-अलग हैं)। जबकि एक हफ्ते पहले यही माला 25 से 30 रुपए के आसपास मिल रही थी।
1,008 लाल गुड़हल के फूलों वाली माला इस साल लोगों की जेब पर काफी भारी पड़ रही है। पिछले साल के मुकाबले इसकी कीमत लगभग दोगुनी हो गई है। लाल गुड़हल के फूल मुख्य रूप से काली पूजा या खास मौकों पर बिकती है।
रविवार को 1,008 लाल गुड़हल के फूलों वाली माला 1,000 से 1,200 रुपए के बीच बिक रही थी, जबकि पिछले साल इसकी अधिकतम कीमत 700 से 800 रुपए थी।
फूल विक्रेताओं के मुताबिक, लाल गुड़हल की मांग लगभग पूरे साल बनी रहती है। हालांकि काली पूजा से पहले इसकी मांग कई गुना बढ़ जाती है। वैसे तो साल भर ये फूल काफी कम कीमत पर मिल जाते हैं, लेकिन काली पूजा के दौरान कई कारणों से इनकी मांग और कीमत दोनों बढ़ जाते हैं।
दक्षिण कोलकाता के गरियाहाट बाजार के एक फूल विक्रेता ने बताया, "लाल गुड़हल की कीमतों में बढ़ोतरी किसानों के स्तर से ही शुरू हो जाती है, जो अपने फूल ऊंचे दामों पर बेचते हैं। इसका असर सबसे पहले थोक बाजारों में और फिर खुदरा बाजारों में देखने को मिलता है।"
शहर के ज्यादातर खुदरा बाजारों में रविवार को विक्रेताओं ने लाल गुड़हल के फूल अलग-अलग (खुले) बेचना बंद कर दिया है। दक्षिण कोलकाता के ही कस्बा बाजार के एक स्थानीय फूल विक्रेता ने बताया कि फूलों को अलग-अलग बेचने के बजाय माला बनाकर बेचना ज्यादा फायदेमंद है, क्योंकि माला की कीमत में फूलों के दाम के साथ-साथ उन्हें गूंथने (माला बनाने) की मजदूरी भी शामिल होती है।
लाल गुड़हल के अलावा रविवार को कमल के फूल भी अपनी सामान्य कीमत से दोगुने से ज्यादा दाम पर बिक रहे हैं। एक हफ्ते पहले 10 से 15 रुपए में बिकने वाला कमल, रविवार को 30 से 35 रुपए के बीच बिक रहा है।
रविवार को नारंगी गेंदे के फूल 180 से 200 रुपए प्रति किलो बिक रहे थे, जबकि पीले गेंदे के फूल 210 से 220 रुपए प्रति किलो के भाव पर बिके।
















