भोपाल। मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PCC) के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने प्रदेश की भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार पर 'लाड़ली बहनों' के साथ वादाखिलाफी और अन्याय करने का गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने सरकार से सवाल किया है कि लाड़ली बहनों को वादा किए अनुसार ₹3,000 प्रतिमाह देने का अमल कब शुरू होगा और योजना से वंचित नई बहनों के पंजीयन (Registration) की प्रक्रिया कब खोली जाएगी।
इसके साथ ही जीतू पटवारी ने ओरछा में आयोजित भाजपा की दो दिवसीय प्रदेश कार्यसमिति की बैठक पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार को चुनावी रणनीतियों की बजाय प्रदेश के वर्तमान और 2026 के जलते मुद्दों पर ध्यान देना चाहिए।
लाड़ली बहना योजना पर जीतू पटवारी के प्रमुख सवाल
पटवारी ने याद दिलाया कि विधानसभा चुनाव से पूर्व तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने लाड़ली बहनों को प्रतिमाह ₹3,000 देने का वादा किया था। लेकिन वर्तमान में बहनों के खातों में यह राशि केवल ₹1,500 (बढ़ी हुई किस्त) तक ही सीमित है। उन्होंने पूछा— "क्या भाजपा के लिए बहनों का सम्मान और आर्थिक आत्मनिर्भरता केवल चुनाव जीतने तक सीमित थी? सरकार अब अपने किए गए वादों पर चर्चा करने से भी भाग रही है।" पटवारी ने मांग उठाई कि जो बहनें अपात्रता या समय सीमा समाप्त होने के कारण छूट गई थीं, उनके लिए योजना में पंजीयन का नया पोर्टल तुरंत खोला जाए।
ओरछा कार्यसमिति बैठक और 2026 बनाम 2028 पर वार
ओरछा में चल रही भाजपा की 2028-2029 चुनावी रोडमैप बैठक पर तंज कसते हुए पीसीसी चीफ ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट ('X') पर पोस्ट कर सरकार से 6 तीखे सवाल पूछे: प्रदेश पर लगातार बढ़ते कर्ज को निपटाने के लिए भाजपा के पास क्या समाधान है? प्रदेश में अपराध बढ़ रहे हैं, फिर भी कानून-व्यवस्था पर आत्ममंथन क्यों नहीं हो रहा? करप्शन और कमीशनखोरी के आरोपों पर भाजपा का 'आपराधिक मौन' क्यों है? मध्य प्रदेश का युवा नौकरी मांग रहा है, लेकिन भाजपा Gen-Z से केवल वोट मांग रही है। किसानों की आय, फसल के दाम और बढ़ती लागत पर कोई सार्थक चर्चा क्यों नहीं की जा रही? प्रदेश की महिलाएं सुरक्षा मांग रही हैं, पर भाजपा इस पर ठोस संकल्प लेने से बच रही है।
जीतू पटवारी का बयान:
"आज भाजपा की कार्यसमिति ने तय किया कि 2028 का चुनाव कैसे लड़ना है, जबकि मध्य प्रदेश की जनता पूछ रही है कि 2026 में प्रदेश को आर्थिक और प्रशासनिक संकट से कैसे बचाना है? जनता को भाजपा के चुनावी रोडमैप की नहीं, बल्कि अपने वर्तमान और भविष्य की सुरक्षा की जरूरत है।"




