जबलपुर, अनुराग शुक्ला। रानी अवंतीबाई लोधी सागर परियोजना (बरगी बांध) में लगातार बढ़ रही पानी की आवक को देखते हुए बांध प्रबंधन ने जलस्तर नियंत्रित करने के लिए 13 गेट खोल दिए हैं। गेटों को औसतन 1.96 मीटर की ऊंचाई तक खोला गया है। इनके माध्यम से करीब 3802 क्यूमेक पानी प्रति सेकंड की दर से नर्मदा नदी के डाउनस्ट्रीम क्षेत्र में छोड़ा जा रहा है।


गुरुवार रात 8 बजे बरगी बांध का जलस्तर 422.45 मीटर दर्ज किया गया, जबकि बांध में करीब 4017 क्यूमेक पानी की आवक बनी हुई थी। बांध का पूर्ण जलभराव स्तर 422.76 मीटर निर्धारित है। जलस्तर निर्धारित सीमा के करीब पहुंचने और लगातार पानी की आवक को देखते हुए बांध प्रबंधन ने पानी की निकासी शुरू की है।


लगातार बढ़ रही पानी की आवक


बारिश के कारण बरगी बांध के जलग्रहण क्षेत्र से लगातार पानी पहुंच रहा है। वर्तमान में बांध में 4017 क्यूमेक पानी की आवक के मुकाबले 3802 क्यूमेक पानी छोड़ा जा रहा है। बांध प्रबंधन द्वारा जलस्तर और पानी की आवक पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।


डाउनस्ट्रीम क्षेत्रों में बढ़ सकता है जलस्तर


बरगी बांध के गेट खोले जाने से नर्मदा नदी के डाउनस्ट्रीम क्षेत्रों में जलस्तर बढ़ने की संभावना है। प्रशासन और संबंधित विभागों द्वारा नदी किनारे के इलाकों पर नजर रखी जा रही है। लोगों से अपील की गई है कि वे नदी के आसपास अनावश्यक रूप से न जाएं और जलस्तर बढ़ने की स्थिति में सावधानी बरतें।


बांध में पानी की आवक और बारिश की स्थिति के अनुसार आने वाले समय में गेटों से पानी की निकासी को घटाया या बढ़ाया जा सकता है। बांध प्रबंधन का मुख्य उद्देश्य जलस्तर को नियंत्रित रखते हुए बांध की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।