ग्वालियर। ग्वालियर शहर के ढोली बुआ का पुल क्षेत्र में एलिवेटेड रोड के पिलर निर्माण के दौरान बड़ी लापरवाही और तकनीकी चूक सामने आई है। स्वर्ण रेखा नाले की दीवार के बेस में बने रैंप को तोड़े जाने के कारण नाले से सटी सड़क लगभग 100 फीट की लंबाई तक बुरी तरह फट गई है। सड़क धंसने और फटने के प्रभाव से आसपास स्थित चार मकानों की दीवारों में भी गहरी दरारें आ गई हैं, जिससे स्थानीय रहवासियों में दहशत का माहौल बन गया है।
1. शुक्रवार को शुरू हुई थी सड़क फटने की प्रक्रिया; शनिवार रात दरारें हुईं चौड़ी
मौके पर पहुंचे तकनीकी विशेषज्ञों और स्थानीय लोगों के अनुसार: दो दिन पहले एलिवेटेड रोड के पिलर के लिए खुदाई करते समय स्वर्ण रेखा की सुरक्षा दीवार तोड़कर ग्राउंड बेस रैंप बनाया गया था। इसके चलते जमीन की नींव कमजोर हो गई और सड़क का हिस्सा धंसने लगा। शुक्रवार से सड़क में हल्की दरारें दिखना शुरू हुई थीं, जो शनिवार देर रात तक लगभग 100 फीट लंबी और काफी चौड़ी हो गईं। इसके चलते सड़क के ठीक किनारे बने मकानों की नींव हिल गई।
2. इन 4 नागरिकों के मकान हुए बुरी तरह प्रभावित
सड़क धंसने के प्रभाव से जिन चार परिवारों के आशियानों को नुकसान पहुंचा है, उनके ब्यौरे इस प्रकार हैं:
गणेश शाक्य: मकान के कमरों और रसोई (किचन) में गहरी दरारें आई हैं।
लीला शाक्य: आंगन, किचन और बाथरूम का ढांचा प्रभावित हुआ है।
नारायण कन्नौजिया: आंगन तथा शौचालय-स्नानघर में दरारें आ गई हैं।
शालिनी ढेरे: मकान की मुख्य बाउंड्री वॉल (दीवार) चटक गई है।
3. नगर निगम कमिश्नर और प्रशासनिक टीम ने संभाला मोर्चा
हादसे की खबर मिलते ही देर रात नगर निगम ग्वालियर के कमिश्नर संजीव झा प्रशासनिक और तकनीकी अधिकारियों के साथ मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। नगर निगम कमिश्नर संजीव झा ने बताया कि सूचना मिलते ही पूरी टीम मौके पर तैनात कर दी गई है। तकनीकी अधिकारियों द्वारा भू-धंसाव (लैंड सब्सिडेंस) और दरारों के वास्तविक कारणों का आंकलन किया जा रहा है। प्रशासनिक अधिकारियों के मौके पर पहुंचने के बावजूद प्रभावित परिवारों और स्थानीय लोगों को फिलहाल कोई ठोस राहत नहीं मिल सकी है। सुरक्षा के लिहाज से आसपास के हिस्से की बैरिकेडिंग की जा रही है और प्रभावित मकानों के ढांचे की मजबूती की जांच की जा रही है।














