भोपाल, सुबोध त्रिपाठी। मध्य प्रदेश पुलिस मुख्यालय (PHQ) ने कार्यवाहक (स्थानापन्न) पद पर कार्यरत पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों के हित में एक बेहद संवेदनशील और महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। पुलिस महानिदेशक (DGP) की स्वीकृति के बाद मुख्यालय द्वारा जारी एक ताजा आदेश के तहत, ऐसे सभी कार्यवाहक पुलिस अधिकारी व कर्मचारी जिन्हें हाल ही में हुई नियमित पदोन्नति में स्थान नहीं मिल सका है, उन्हें उनके वर्तमान कार्यवाहक पद से हटाया नहीं जाएगा। वे आगामी आदेश तक अपने वर्तमान ऊंचे पद पर पूर्ववत् कार्य करते रहेंगे।
यह आदेश विशेष पुलिस महानिदेशक (प्रशासन) आदर्श कटियार द्वारा जारी किया गया है (क्रमांक/पुमु/3/स-12/998/26, दिनांक 13/07/2026)। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि मध्य प्रदेश पुलिस विनियम के पैरा 72 के प्रावधानों और जी.ओ.पी. क्रमांक 148/2021 के तहत पुलिस अधिकारियों को उच्चतर पद श्रेणी पर स्थानापन्न रूप से कार्य करने हेतु आदेशित किया गया था। इस व्यवस्था में हालांकि वरिष्ठता या उच्च वेतनमान का कोई कानूनी दावा नहीं बनता है, लेकिन वे उस उच्च पद की वर्दी धारण करने के अधिकारी हैं।
नैसर्गिक न्याय के सिद्धांत का हवाला
मुख्यालय ने अपने आदेश में विशेष रूप से 'नैसर्गिक न्याय के सिद्धांतों' को दृष्टिगत रखा है। विभाग का मानना है कि नियमित पदोन्नति सूची जारी होने के बाद कार्यवाहक के रूप में लंबे समय से सेवाएं दे रहे अधिकारियों को अचानक डिमोट करने या हटाने से उनके मनोबल पर विपरीत असर पड़ सकता था। इसी के चलते पुलिस महानिदेशक द्वारा इस मानवीय और प्रशासनिक निर्णय को मंजूरी दी गई है।
महकमे में बड़ी राहत
इस आदेश के जारी होने से पुलिस महकमे के उन सैकड़ों अधिकारियों और कर्मचारियों ने बड़ी राहत की सांस ली है, जो नियमित पदोन्नति की प्रक्रिया में तकनीकी या अन्य कारणों से छूट गए थे और उन पर वापस अपने मूल पद पर लौटने का खतरा मंडरा रहा था।
इस आदेश की प्रतिलिपि राज्य के समस्त विशेष/अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक, गृह विभाग के सचिव, मुख्यमंत्री के विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी, समस्त आईजी, डीआईजी, पुलिस आयुक्त (कमिश्नर) और पुलिस अधीक्षकों (SP) सहित सभी संबंधित शाखाओं को सूचनार्थ एवं आवश्यक कार्रवाई हेतु भेज दी गई है।





